फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar News : अंतरजातीय विवाह के बाद पति-पत्नी अब अलग, बेटियों ने किस पर लगाया दैहिक शोषण का आरोप?

Wed, 26 Mar 2025 09:52 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया

सार

पीड़ित किशोरी ने बताया कि पिछले कई दिनों से यह सब सह रही थी। इतना ही नहीं उसे अक्सर भद्दे कमेंट्स और बुरी निगाहों का सामना करना पड़ता था। जब इन सब की शिकायत अपनी मां से की तो उन्होंने डांट-फटकार कर चुप रहने को कहा।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पूर्णिया में एक गंभीर घटना सामने आई है। एक राजनीतिक दल के जिलाध्यक्ष की बेटियों के साथ उनके मामा और मासी द्वारा जबरन शादी पार्टियों में डांस करवाने का मामला उजागर हुआ है। किशोरी ने इस शोषण के बारे में जानकारी दी है। इसके बाद पीड़ित जिलाध्यक्ष ने स्थानीय थाना में शिकायत दर्ज कराई। मामला के.नगर थाना क्षेत्र के गढ़िया बलुआ वार्ड 5 पासवान टोला से संबंधित है। बताया जा रहा है कि जिलाध्यक्ष (40) और उनकी पत्नी (37) ने 20 साल पहले अंतरजातीय विवाह किया था और उनके पांच बच्चे हैं, जिनमें दो बेटे और तीन बेटियां शामिल हैं। पिछले एक साल से मामा और मौसी ने किशोरियों को जबरन शादी पार्टियों में डांस करने के लिए मजबूर किया।

विज्ञापन


मां से शिकायत की लेकिन मां ने ही डांट दिया
पीड़ित किशोरी ने बताया कि डांस करने के दौरान अक्सर भद्दे कमेंट्स और बुरी निगाहों का सामना करती थी। लेकिन, जब अपनी मां को इसकी शिकायत की, तो उनकी मां ने उन्हें डांट दिया। इतना ही नहीं मामा और मौसी नाच गाने के सारे रुपए भी अपने पास रख लेते थे। उन्हें कुछ खाने या पहनने का भी मन होता तो उनके साथ रोक टोक किया जाता। मां और पापा दोनों पिछले एक साल से अलग रह रहे थे। दोनों में आपसी अनबन थी। मां पिता के साथ नहीं रहना चाहती। इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा था। सभी बहनों ने सप्ताह भर पहले पिता के घर आकर मामा और मामी द्वारा कराए जा रहे जबरन डांस की बात बताई थी। जिसके बाद पिता नानी घर पहुंचे थे और इसका विरोध किया था। वह मां और हम बहनों को साथ लेकर अपने साथ घर जाना चाहते थे। मगर मां मासी और मां ने इसका विरोध किया था।

पत्नी को साथ रखना चाहता है जिलाध्यक्ष
पीड़ित जिलाध्यक्ष ने कहा कि वह अपनी पत्नी को अपने साथ रखना चाहते थे ताकि उनका परिवार बर्बाद न हो, लेकिन उनकी पत्नी अब उनके साथ रहने के लिए तैयार नहीं हैं। इतना ही नहीं बेटियों के साथ हो रहे अत्याचार का विरोध किया तो  इस पर उनकी पत्नी, साला और साली ने उनके साथ मारपीट की। जिलाध्यक्ष किसी तरह जान बचाकर बेतिया पहुंच गए हैं। उन्होंने थाने में अपनी पत्नी, साले और साली के खिलाफ आवेदन दिया है। वहीं, जिलाध्यक्ष की पत्नी ने आरोप लगाया है कि उनके पति की नजर उनकी संपत्ति पर थी और वह पिछले दो साल से पैसे की मांग कर रहे थे। इस कारण वह अपने मायके में रहने को मजबूर हुईं। के.नगर थानाध्यक्ष नवदीप गुप्ता ने बताया कि दोनों पक्षों से आवेदन प्राप्त हुए हैं और पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस घटना ने समाज में एक बार फिर से घरेलू हिंसा और महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे को उजागर किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: पटना में बीए के छात्र ने किया सुसाइड, बहनोई के घर में फंदे से झूलकर दे दी जान

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें