BPSC TRE 3: 1208 प्रारंभिक, उच्च और उच्च माध्यमिक शिक्षकों के बीच रविवार को औपबंधिक नियुक्ति पत्र का वितरण किया गया। टाउन हॉल में मुख्य समारोह हुआ। जहां प्रभारी डीएम सह एडीएम, एसपी, डीईओ, एनडीसी सहित तमाम आलाधिकारी मंच पर मौजूद थे। इस दौरान प्रोटोकॉल की खुल कर धज्जियां उड़ाई गई।
सुपौल के टाउन हॉल में रविवार को राज्यव्यापी कार्यक्रम के तहत नवनियुक्त शिक्षकों के बीच औपबंधिक नियुक्ति पत्र का वितरण किया गया। हालांकि इसको लेकर आयोजित समारोह के दौरान प्रोटोकॉल का खुला उल्लंघन देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान हाई स्कूल के शिक्षक डॉ रणधीर राणा जिले के कई वरीय अधिकारियों की उपस्थिति में न केवल मंचासीन रहे, बल्कि मंच से कई नवनियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र बांटे। वही अतिथियों के संबोधन के बीच भी कई नवनियुक्त शिक्षकों के साथ प्रतिकात्मक तौर पर नियुक्ति पत्र देते हुए मंच पर ही तस्वीर खिंचवाई।
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दरअसल, राज्य सरकार की ओर से जारी निर्देश के अनुसार रविवार को सुपौल के टाउन हॉल में नवनियुक्त टीआरई-03 के 1208 शिक्षकों के बीच नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया था। इसमें प्राथमिक और मध्य के साथ ही उच्च माध्यमिक विद्यालयों में भी पदस्थापित होने वाले शिक्षक शामिल हैं। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार इस समारोह में जिले के प्रभारी मंत्री सह सूबे के समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी को भी शामिल होना था। हालांकि वह अपरिहार्य कारणों से कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। कार्यक्रम के दौरान प्रभारी जिलाधिकारी सह एडीएम राशिद कलीम अंसारी, एसपी शैशव यादव, जिला कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव, एनडीसी विकास कुमार कर्ण, डीईओ संग्राम सिंह, स्थापना डीपीओ राहुल चंद्र चौधरी, सुपौल नगर परिषद के मुख्य पार्षद राघवेंद्र झा राघव तथा सिमराही नगर पंचायत की अध्यक्ष यशोदा देवी उपस्थित थे।
वही मंच संचालन एमडीएम डीपीओ महताब रहमानी कर रहे थे। लेकिन इन सबके बीच बबुजन बालिका उच्च विद्यालय सुपौल के शिक्षक डॉ रणधीर राणा भी मंचासीन हो गए और पूरे कार्यक्रम में एक अतिथि की भूमिका में ही नजर आए। लिहाजा एक हाई स्कूल शिक्षक द्वारा नियुक्ति पत्र वितरण कराए जाने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि डीईओ संग्राम सिंह से जब इस बाबत सवाल किया गया तो उन्होंने जानकारी से ही इंकार कर दिया। आपको बता दें कि सामान्य तौर पर इस प्रकार के कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधि तथा प्रशासनिक अधिकारी ही बतौर अतिथि आमंत्रित होते हैं और उनके माध्यम से ही नियुक्ति पत्रों का वितरण कराने की परंपरा रही है।
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शिक्षक के इशारे पर ही तय हो रहे थे नियुक्ति पत्र के वितरक
समारोह के दौरान रविवार को मंचासीन शिक्षक डॉ रणधीर राणा न केवल नियुक्ति पत्र का वितरण करते दिखे, बल्कि उनकी भूमिका इससे भी आगे की नजर आई। वितरण कार्यक्रम के दौरान वह मंच पर अधिकारियों के साथ खड़े थे और हाथों से बार-बार इशारा कर रहे थे। वह जिस ओर इशारा करते, नियुक्ति पत्र वितरण की जिम्मेवारी भी उसी के अनुरुप बदल जाती। मंच पर उनके ठीक बाएं में नजारत उप समाहर्ता विकास कुमार कर्ण खड़े थे और उनके सटे डीईओ संग्राम सिंह। बावजूद डीईओ ने सवाल को पहले तो सिरे से खारिज किया। फिर शिक्षक द्वारा नियुक्ति पत्र वितरण कराए जाने की जानकारी से ही इंकार कर दिया। आपको बता दें कि पेशे से शिक्षक रणधीर खुद को सूबे की सत्ताधारी दल के एक वरिष्ठ नेता का करीबी बताता है और कई बार प्रशासनिक कार्यक्रमों में नजर आता रहा है। हालांकि यह पहला मौका था, जब उसके हाथ से नियुक्ति पत्र भी वितरित कराए गए।
शिक्षा विभाग की टीम ने किया था पूरा इंतजाम
इधर, प्रभारी डीएम सह एडीएम राशिद कलीम अंसारी ने बताया कि शिक्षा विभाग की टीम नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का पूरा इंतजाम देख रही थी। विभाग ने ही सब कुछ तय किया था। हालांकि इसकी जानकारी नहीं है कि कोई शिक्षक भी मंचासीन थे। वही स्थापना डीपीओ राहुल चंद्र चौधरी ने इस बाबत कुछ भी बोलने से इंकार किया। जबकि एमडीएम डीपीओ महताब रहमानी ने कहा कि अतिथियों की जो सूची तैयार की गई थी, उसमें रणधीर राणा का नाम नहीं था और न ही मंच से उनका नाम लिया गया। इस संदर्भ में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।