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Bihar News: प्राइवेट स्कूल में छात्र की संदिग्ध मौत, शव को छोड़कर भाग रहे एंबुलेंस चालक को लोगों ने बनाया बंधक

Mon, 14 Apr 2025 08:47 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा

सार

बिरौल थाना के अपर थानाध्यक्ष सुभाष चंद्र मंडल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। स्कूल प्रबंधन से भी पूछताछ चल रही है। छात्र की मौत कैसे हुई? इसकी जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है। 
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जांच में जुटी पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दरभंगा के बेनीपुर प्रखंड के आशापुर आईबी के सामने स्थित एक निजी स्कूल में रविवार की दोपहर संदिग्ध स्थिति में एक छात्र की मौत हो गई। मृतक की पहचान बिरौल प्रखंड के लदहो गांव निवासी मुकेश कुमार झा के 14 वर्षीय पुत्र मोनू कुमार के रूप में हुई। वह सातवीं कक्षा का छात्र था और पिछले दो साल से उस स्कूल में पढ़ाई कर रहा था। चौंकाने वाली बात यह है कि छात्र की मौत के बाद स्कूल संचालक ने शव को एम्बुलेंस कर्मी के साथ उसके  घर भेज दिया। इधर, एम्बुलेंस कर्मी छात्र के शव को चौक पर ही छोड़कर भागने लगा। हालांकि, वहां लोगों ने एम्बुलेंस कर्मी को पकड़कर बंधक बना लिया।
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मामले को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि छात्र की मौत के बाद दोपहर करीब दो बजे एम्बुलेंस से उसके शव को गांव लाकर छोड़ दिया गया। हालांकि हमलोगों ने फौरन चालक को पकड़ लिया। पूछताछ में पता चला कि स्कूल में मौत के बाद छात्र के शव को बेनीपुर के ही एक निजी अस्पताल से लाया गया है। अस्पताल से वह शव लेकर यहां पहुंचा था। घटना सूचना मिलते ही बहेड़ा थानाध्यक्ष चंद्रकांत गौड़ी जांच करने जुट गए हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच प्रक्रिया पूरी कर छात्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया।

स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग
मामले में मुखिया प्रतिनिधि दिलीप कुमार झा ने बताया कि हॉस्टल में रह रहे छात्र की संदिग्ध स्थिति में मौत हुई है, इसके बावजूद विद्यालय प्रशासन परिजनों को सूचना दिए बगैर शव को गांव के चौक पर छोड़कर भाग रहे थे। प्रतीत हो रहा है कि स्कूल प्रबंधन कुछ छिपा रहा है। पुलिस से अपील है कि इस संदिग्ध मामले की जांच करे और स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई करे। मृत छात्र के पिता बिहार से बाहर नौकरी करते थे। वह अपने दोनों पुत्रों को पढ़ा रहे थे। छोटे पुत्र की मौत ने उन्हें झकझोर दिया है। मां विभा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। वह रो-रोकर बेहोश हो जा रही थी। लोग जब उसे पानी का छींटा मारकर होश में लाते तो कह रही थी कि स्कूल में मेरा बेटा पढ़ रहा था, तो उसकी मौत कैसे हो गई। वहीं, बंधक बने एम्बुलेंस चालक को भी मुक्त करा दिया गया है।
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