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बिहार: अब एक रुपये में 40 एकड़ जमीन किसे देगी सरकार, नई चीनी मिल लगाने पर कितना तक का अनुदान मिलेगा?

Sat, 12 Sep 2026 05:50 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार बिहार में निवेशकों को लुभाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। अब तक तो कुछ ही निवेशकों को एक रुपये की टोकन राशि पर कई एकड़ जमीन दी गई। अब चीनी मिल लगाने वालों को एक रुपये में 40 एकड़ जमीन देने की बात सामने आई है। आइये जानते हैं पूरा मामला...
 
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बिहार सरकार एक रुपये की टोकन राशि पर चीनी मिल को देगी जगह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार में चीनी उद्योग को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बिहार गन्ना उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति-2026 लागू होने के बाद अब चीनी मिल लगाने के इच्छुक निवेशकों को सरकार एक रुपये की टोकन राशि पर करीब 40 एकड़ तक जमीन उपलब्ध कराएगी। नई चीनी मिल स्थापित करने पर निवेशकों को 70 करोड़ रुपये तक का अनुदान भी दिया जाएगा।

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पांच साल में 25 नई चीनी मिलें लगाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से शुरू करने के साथ-साथ 25 नई चीनी मिलें स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में तेजी से काम करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति का गठन भी किया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर लागू की गई नई नीति का उद्देश्य बिहार में गन्ना आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना और निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना है।

3500 टीडीसी क्षमता वाली मिल को 70 करोड़ का अनुदान
नई नीति के तहत न्यूनतम 3500 टीडीसी क्षमता वाली नई चीनी मिल स्थापित करने पर सरकार की ओर से 70 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा। यह राशि पांच समान वार्षिक किस्तों में उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, 3500 टीडीसी से अधिक क्षमता की चीनी मिल लगाने पर प्रत्येक 100 टीडीसी अतिरिक्त क्षमता के लिए दो करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा।
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पुरानी मिलों की क्षमता बढ़ाने पर भी प्रोत्साहन
सरकार ने पहले से संचालित चीनी मिलों के क्षमता विस्तार के लिए भी प्रोत्साहन की व्यवस्था की है। इसके तहत 1000 टीडीसी क्षमता विस्तार करने पर 15 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त 100 टीडीसी क्षमता बढ़ाने पर 1.5 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा। सरकार की ओर से कहा गया कि नई चीनी मिलों की स्थापना और बंद मिलों के पुनरुद्धार से गन्ना किसानों को बाजार उपलब्ध होने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। नई निवेश नीति के जरिए बिहार में गन्ना आधारित उद्योगों के विस्तार और निजी निवेश को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है।

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