बिहार में पटना में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के कारण आधा दर्जन मरीजों की मौत हो गई। हड़ताल के कारण मरीजों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी में उन्हें अस्पताल आकर वापस लौटना पड़ रहा है। वहीं जूनियर डॉक्टर अपनी हड़ताल तोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं।
बता दें कि पटना मेडिकल कालेज एंड हॉस्पिटल के जूनियर डॉक्टर पिछले तीन दिनों से हड़ताल पर हैं। जूनियर डॉक्टरों का आरोप है कि रविवार को एक मरीज के परिजनों ने कुछ जूनियर डॉक्टरों से मारपीट की थी। इसी के विरोध में जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर बैठ गए। उनकी मांग है कि मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल को भी हटाया जाए।
वहीं डॉक्टरों की हड़ताल के कारण अस्पताल में हालात लगातार विकट होते जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार इलाज के अभाव में अभी तक आधा दर्जन मरीजों की मौत हो चुकी हैं इनमें से ज्यादातर बच्चे हैं। वहीं अस्पताल प्रबंधन का दावा है की चार मौत ही हुई हैं।
मरीजों की सबसे बड़ी समस्या ये है कि वे भयंकर गर्मी में जैसे तैसे अस्पताल पहुंचते हैं लेकिन इलाज न मिलने पर वापस लौटना पड़ता है। प्रशासन इस मामले में अभी तक उदासीन बना हुआ है और जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल खत्म करवाने के संबंध में कोई उपाय नहीं किया गया है।