मुजफ्फरपुर शेल्टर होम यौन उत्पीड़न केस में घिरने के बाद मंत्री पद से इस्तीफा देने वाली मंजू वर्मा ने कहा है कि उन्होंने इस्तीफा किसी दबाव में नहीं दिया है। पत्रकारों से बातचीत में मंजू ने अपने पति को निर्दोष बताया और कहा कि इस मामले में निर्दोष साबित होने के बाद वह उस महिला पर मानहानि का मुकदमा करेंगी जिसने उनके पति को फंसाया है।
मंजू ने कहा कि उन्हें सीबीआई और कोर्ट पर विश्वास है। मंजू ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि मुझे लगता है कोई रसूखदार जो वहां जाते थे, विपक्ष के नेता उनको बचाने के लिए मुझे निशाना बना रहे हैं। मंत्री ने कहा कि फोन पर किसी से बात करना गुनाह नहीं है। सीबीआई जैसी संस्था किसी एक आदमी का कॉल डिटेल कैसे दे सकती है। सबका नाम सार्वजनिक होना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि मंजू वर्मा के इस्तीफे से चंद घंटे पहले ब्रजेश ठाकुर ने भी मंत्री के पति से बातचीत की बात स्वीकार की थी। इसके अलावा मीडिया रिपोर्टों में भी कहा गया था कि करीब 17 बार ब्रजेश ठाकुर के कॉल डिटेल में मंत्री के पति से बातचीत के सबूत मिले हैं।
इससे पहले मंजू वर्मा ने मुख्यमंत्री आवास जाकर सीएम से मुलाकात की और इस्तीफा सौंपा। पति चंद्रशेखर वर्मा का नाम आने के बाद उन पर लगातार इस्तीफे का दबाव था। विपक्ष समेत भाजपा के दो वरिष्ठ नेताओं ने भी मंजू के इस्तीफे को लेकर बयान दिया था। चंद्रशेखर के बालिका गृह में कई बार आने जाने का पहले ही खुलासा हो चुका है, जहां 34 लड़कियों से लगातार रेप किया गया था।
आरोपी ब्रजेश के चेहरे पर कालिख पोती
मुजफ्फरपुर मामले के आरोपी ब्रजेश ठाकुर की बुधवार को मुजफ्फरपुर कोर्ट में पेशी की गई। ब्रजेश ठाकुर को जब कोर्ट के अंदर लाया जा रहा था, तभी वहां खड़े जेएपी कार्यकर्ताओं ने उसके चेहरे पर कालिख पोत दी। पुलिस ने जेएपी कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया है। पुलिसकर्मियों ने ब्रजेश को तुरंत दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया। हालांकि बताया जाता है कि जिस महिला ने स्याही फेंकी वह फरार हो गई, जबकि पुलिस ने दल में शामिल दूसरी महिला को हिरासत में ले लिया।