दस मिनट की देरी ने 19 साल के संतोष को एक साल पीछे कर दिया। अब संतोष एक साल बाद डॉक्टर बनने का सपना देखेगा। इस सपना को साकार करने के लिए संतोष ने 700 किलोमीटर की यात्रा की थी। दरअसल, यह कहानी बिहार के दरभंगा जिले के 19 वर्षीय संतोष कुमार यादव की है। मेडिकल कॉलेज में दाखिला पाने के लिए संतोष ने पूरे साल तैयारी की थी, लेकिन 10 मिनट की देरी ने पूरा एक साल बर्बाद कर दिया।
24 घंटे में 700 किमी की यात्रा
बता दें कि नीट परीक्षा देने के लिए संतोष ने 24 घंटे में 700 किमी की यात्रा की थी। संतोष का परीक्षा केंद्र कोलकाता के साल्ट लेक के एक स्कूल में था। परीक्षा सेंटर तक पहुंचने के लिए संतोष ने तीन बसें बदलीं। मगर अफसोस की सही समय पर वह परीक्षा केंद्र पहुंच नहीं सका।
परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में हो गई 10 मिनट की देरी
परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में उसे 10 मिनट की देर हो गई, जिसके कारण उसे परीक्षा में बैठने नहीं दिया गया। इस मामले में जब संतोष से पूछा गया तो उसने कहा इस 10 मिनट के कारण मैंने अपना पूरा एक साल खो दिया।
पटना पहुंचते-पहुंचते हो गया छह घंटा लेट
इसके बाद संतोष ने पूरा वाक्या बताया कि कैसे-कैसे क्या क्या हुआ। उसने बताया कि उसे मुजफ्फरपुर से पटना आने के रास्ते में सड़क जाम का सामना करना पड़ा। पटना पहुंचते-पहुंचते उसे छह घंटे की देर हो गई। इसके बाद फिर वह वहां से कोलकाता जाने वाली बस में बैठा।
परीक्षा केंद्र पर मौजूद अधिकारियों को बताया परेशानियों का सबब
कोलकता पहुंचकर वह फिर टैक्सी के सहारे परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की कोशिश की, लेकिन तय समय के मुताबिक वह नहीं पहुंच सका। संतोष ने यह भी बताया कि उसने परीक्षा केंद्र पर मौजूद अधिकारियों से अपनी परेशानी के बारे में बताया भी लेकिन उसे लेट हो यह कहकर मना कर दिया गया।