बिहार पुलिस ने एक गंभीर गलती करते हुए दो दुष्कर्म पीड़िताओं के नाम अपनी अपने अधिकारिक फेसबुक पेज पर डाल दिए। अधिकारियों को जैसे ही अपनी गलती का एहसास हुआ तुरंत उसे हटा दिया गया। लेकिन तब तक पुलिस की यह गलती लोगों की निगाहों में आ चुकी थी जिसको लेकर पुलिस की लानत मलानत का दौर शुरू हो गया। मामला बिगड़ा तो राज्य पुलिस के मुखिया ने इस पर माफी मांग कर मामले को खत्म करने का प्रयास किया। पुलिस मुखिया पीके ठाकुर ने इस पर माफी मांगते हुए कहा, जैसे ही घटना हमारे संज्ञान में आई उसमें तुरंत सुधार कर लिया गया।
असल में बिहार पुलिस ने हाल ही में पूर्वी चंपारण जिले में एक दस साल की बच्ची और 21 साल की युवती से हुई रेप की घटनाओं के बाद उनकी पहचान जाहिर कर दी थी। बिहार पुलिस ने अपने अधिकारिक फेसबुक पेज पर उन दोनों की फोटो जारी कर दी थी। असल में भाजपा कार्यकर्ता शुभराष्टा शिखा ने मुख्यमंत्री के नाम एक खुला खत लिखा था जिसमें महिलाओं के प्रति हो रहे अपराधों पर सवाल किया गया था। इसके जवाब में पुलिस ने दोनों मामलों में की गई कार्रवाई को ब्यौरा देते हुए उनके नाम भी जाहिर कर दिए थे। पुलिस की यह गलती सामने आते ही हंगामा खड़ा हो गया था।
दूसरी ओर इस संबंध में सरकार में साझी राष्ट्रीय जनता दल के मुखिया लालू प्रसाद यादव से पत्रकारों ने सवाल किया तो उन्होंने बड़े आराम से उसे टालते हुए कहा कि हमें क्या पता हम तो आम तुड़वाने आए थे।
Policevaala say poocho na, hum toh aam tudvanay aye they: Laloo Yadav on q on rape victim name on facebook by police pic.twitter.com/mcr3ArxFl0— ANI (@ANI_news) June 28, 2016