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Bihar Police: शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस, पटना में विधायक आवास पर छापेमारी

Wed, 13 May 2026 05:44 PM IST
Aditya Anand न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की पार्टी के विधायक ओसामा शहाब फिर से सुर्खियों में हैं। इस पर उनके पटना स्थित आवास पर पुलिस टीम पहुंची है। ओसामा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस यहां पहुंची। आइये जानते हैं पूरा मामला...
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ओसामा शहाब और तेजस्वी यादव की फाइल फोटो। - फोटो : सोशल मीडिया।
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विस्तार
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राष्ट्रीय जनता दल के टिकट पर रघुनाथपुर विधानसभा से चुनाव जीतने वाले ओसामा शहाब की गिरफ्तारी के लिए बिहार पुलिस की टीम लगातार छापेमारी अभियान चल रहा है। आज सीवान पुलिस की एक टीम पटना में विधायक आवास नंबर 108 पहुंची। यहां पर पुलिस टीम सर्च ऑपरेशन चला ही है। हालांकि, आवास के अंदर ओसामा शहाब नहीं हैं। 

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इधर, ऑपरेशन को लीड कर रहे एएसपी अजय सिंह ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। उनके साथ पटना के कोतवाली थाने के एसएचओ और कई पुलिसकर्मी भी मौजूद हैं। जानकारी के मुताबिक, हाल में ही सीवान की पुलिस ने जमीन कब्जा करने के आरोप में दिवंगत सांसद शहाबुद्दीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद से पुलिस टीम राजद विधायक की तलाश कर रही है।

इससे पहले चार मई को सीवान में हुई थी छापेमारी
इससे पहले चार मई को भी सीवान पुलिस की टीम ओसामा के प्रतापपुर वाले पैतृक घर, सीवान स्थित आवास पर छापेमारी की थी। इस छापेमारी की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसका नेतृत्व खुद सारण रेंज के डीआईजी नीलेश कुमार और सीवान के एसपी पूरन कुमार झा कर रहे थे। सुबह जब पुलिस की कई गाड़ियां काफिले के साथ विधायक के पैतृक गांव प्रतापपुर और शहर के नई किला स्थित घर पहुंचीं, तो स्थानीय लोग हैरान रह गए। तब भी पुलिस को ओसामा हाथ नहीं लगे थे। सीवान पुलिस ने कोर्ट से वारंट लेकर यह कार्रवाई की है। 
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 राजद विधायक ओसामा शहाब पर किसकी नजर?
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क्यों हुई छापेमारी, जानें पूरा मामला 
ओसामा पर एक डॉक्टर दंपती की जमीन को अवैध रूप से कब्जा करने का आरोप है। इस मामले में गोपालगंज के मांझागढ़ निवासी डॉ. विनय कुमार सिंह की पत्नी डॉ. सुधा सिंह द्वारा सीवान के महादेवा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। डीआईजी नीलेश कुमार ने बताया कि इस मामले में पुलिस को पर्याप्त साक्ष्य मिले थे, जिसके बाद न्यायालय से वारंट लिया गया और कानूनी प्रक्रिया के तहत छापेमारी की गई।

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