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Bihar : पीएम मोदी की रैली के समय बम धमाका करने वाले चार दोषियों को हाईकोर्ट से राहत; गांधी मैदान में थी रैली

Wed, 11 Sep 2024 03:13 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Patna High Court : प्रधानमंत्री के तत्कालीन उम्मीदवार और चुनाव बाद पीएम बने नरेंद्र मोदी की रैली के समय पटना को बम धमाके से दहलाने वाले चार दोषियों को पटना हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया गया है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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2013 में हुए पटना के गांधी मैदान बम धमाका शृंखला में पटना हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। पटना हाईकोर्ट ने चार दोषियों की मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया। दोषियों में से चार- हैदर अली, मोजिबुल्लाह, नोमान और इम्तियाज को पहले सिविल कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दी है। उमर और अजहरुद्दीन की उम्रकैद की सजा देने के निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट ने बरकरार रखा। 

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दरअसल, लोकसभा चुनाव 2014 की राजनीतिक तैयारियां 2013 में ही तेज हो गई थीं। प्रधानमंत्री पद पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से लाए गए चेहरे, यानी गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पटना में 27 अक्टूबर 2013 को हुंकार रैली कर रहे थे। इस दिन की शुरुआत धमाके से हुई। सुबह पटना जंक्शन पर एक धमाका हुआ। तत्कालीन एसएसपी मनु महाराज के नेतृत्व में पुलिस टीम का ध्यान उधर गया और इधर एक घंटे के दरम्यान छह धमाकों से गांधी मैदान गूंजता रहा। धमाकों में छह की मौत हुई थी। इस केस में 27 अक्टूबर 2021 को नौ अपराधियों को सजा दी गई।

 

जब तीन दिन में रिहा हो गया 7 साल सजा पाने वाला

27 अक्टूबर 2021 को एनआईए की विशेष अदालत ने आतंकियों नोमान अंसारी, हैदर अली उर्फ ब्लैक ब्यूटी उर्फ अब्दुल्लाह, इम्तियाज अंसारी उर्फ आलम और मो. मोजिबुल्लाह अंसारी को फांसी की सजा सुनाई थी। दो आतंकियों उमर सिद्दीकी और अजहरुद्दीन को उम्रकैद दी गई थी। यह छह आतंकी IPC के सेक्शन 302, 120B के साथ UAPA की गंभीर धाराओं में दोषी पाए गए थे। एनआईए कोर्ट ने फिरोज आलम उर्फ पप्पू और अहमद हुसैन को 10-10 साल की सजा सुनाई थी। छह आतंकियों को रांची बस स्टैंड पहुंचाने के कारण दोषी पाए गए इफ्तिखार आलम को 7 साल की सजा सुनाई गई। सजा सुनाए जाते समय तक इफ्तिखार 7 साल जेल में रह चुका था, इसलिए कागजी प्रक्रिया पूरी कर उसे 04 नवंबर 2021 को बेउर जेल से रिहा कर दिया गया।

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