फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नीतीश सरकार के नए मंत्री: कोई लालू के करीबी रहे तो कोई जेटली के खास, जानें सबके बारे में

Sun, 02 Jun 2019 01:43 PM IST
Nilesh Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
New Ministers of Nitish Kumar Cabinet - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

बिहार में रविवार को हुए नीतीश मंत्रिमंडल विस्तार में आठ नेता मंत्री बनाए गए। सारे मंत्री जदयू कोटे से हैं, जबकि भाजपा से किसी नेता को मंत्रिमंडल विस्तार में जगह नहीं दी गई। नए मंत्रियों में जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार, अशोक चौधरी, श्याम रजक, लक्ष्मेश्वर राय, रामसेवक सिंह, बीमा भारती, संजय झा और नरेंद्र नारायण यादव शामिल हैं। 

विज्ञापन


जाति समीकरण के आधार पर देखा जाए तो 50 फीसदी से ज्यादा पिछड़े और अति पिछड़े मतदाताओं वाले राज्य में सीएम नीतीश कुमार ने आठ में से छह मंत्री पिछड़े और अति पिछड़े समाज से चुना, जबकि अगड़ी जाति से केवल दो नेता, नीरज कुमार और संजय झा को मंत्री बनाया।

आइए, जानते हैं नीतीश कैबिनेट के इन आठ नए मंत्रियों के बारे में विस्तार से :

नीरज कुमार: पार्टी के तेज तर्रार प्रवक्ता

जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार विधान पार्षद हैं। वह साल 2008 से लगातार विधान पार्षद हैं, जबकि 2009 से पार्टी के प्रवक्ता हैं। जदयू के विरोधियों खासकर राजद प्रमुख लालू परिवार को वह कई मौकों पर जवाब देते रहे हैं। पिछले दिनों लालू के जेल में रहते ट्वीट किए जाने पर भी उन्होंने चुनाव आयोग से शिकायत की थी। 

श्याम रजक: लाालू के करीबी रहे अब नीतीश के खास

राजद के राष्ट्रीय महासचिव रह चुके श्याम रजक कभी लालू प्रसाद यादव के बेहद करीबी रहे हैं। वह लालू राज में भी मंत्री रह चुके हैं और नीतीश राज में भी। श्याम रजक फुलवारी शरीफ विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतते आ रहे हैं। वह पूर्व में खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रह चुके हैं। फिलहाल वह जदयू के राष्ट्रीय महासचिव हैं।

बीमा भारती: नीतीश की करीबी नेता, रह चुकी हैं मंत्री

बीमा भारती पूर्णिया जिले की विधानसभा सीट रुपौली से जदयू विधायक हैं। बीमा, बाहुबली माने जाने वाले अवधेश मंडल की पत्नी हैं। बीमा भारती बिहार में न सिर्फ मंत्री रह चुकी हैं बल्कि सीएम नीतीश कुमार की भी करीबी नेता मानी जाती है। वह जितनी बतौर विधायक और मंत्री चर्चा में रही हैं, उससे कहीं ज्यादा वो अपने बाहुबली पति अवधेश मंडल से अपने बनते-बिगड़ते रिश्तों की वजह से मीडिया की सुर्खियां बनी हैं। 

अशोक चौधरी: महागठबंधन सरकार में थे शिक्षा मंत्री

कभी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे विधान पार्षद अशोक चौधरी जदयू में शामिल हो चुके हैं। कांग्रेस में उन पर पार्टी विरोधी गतिविधि का आरोप लग चुका है। कांग्रेस से हटाए जाने के बाद उन्होंने कहा था कि उन्हें दलित होने की वजह से निष्कासित किया गया। 2015 में वह बिहार में बने महागठबंधन की सरकार में शिक्षा मंत्री रह चुके हैं। 

नरेंद्र नारायण सिंह यादव: कभी सीएम पद के थे दावेदार

जदयू के वरिष्ठ नेता नरेंद्र मधेपुरा जिला के आलमनगर से विधायक हैं। नीतीश सरकार में वह पहले भी मंत्री रह चुके हैं। जब जीतन राम मांझी बिहार के मुख्यमंत्री बनाए गए थे, तब उस समय सीएम पद के लिए इनका नाम भी चर्चा में था। साल 2015 में महागठबंधन की सरकार बनी तो इन्हें कैबिनेट में जगह नहीं दी गई थी। 

संजय झा: मिथिला का ब्राह्मण चेहरा, जेटली के करीबी

भाजपा से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले संजय झा अरुण जेटली के करीबी माने जाते हैं। साथ ही वह भाजपा और जदयू के बीच सांमजस्य बनाने का काम करते हैं। पहली बार साल 2005 में वह विधान पार्षद बने थे।

लोकसभा चुनाव में उनके दरभंगा से चुनाव लड़ने की चर्चा थी, लेकिन अंतिम समय में सीट भाजपा के खाते में चली गई थी। संजय झा मिथिला में अपनी पार्टी का ब्राह्मण चेहरा हैं और ऐसे में आने वाले विधानसभा चुनाव में जदयू को ब्राह्मणों के बीच पैठ बनाने में मदद मिलेगी। 
विज्ञापन

लक्ष्मेश्वर राय:
लक्ष्मेश्वर राय मधुबनी के लौकहा से जदयू विधायक हैं। वह छात्र आंदोलन में कई बार जेल जा चुके हैं। 

रामसेवक सिंह:
हथुआ विधानसभा सीट से जदयू विधायक हैं। 12वीं पास रामसेवक जदयू के मुख्य सचेतक भी हैं। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें