Bihar : बिहार के एक मेडिकल कॉलेज में एक दो नहीं बल्कि 13 घंटे से अधिक तक बिजली सप्लाई ठप रही। ICU, इमरजेंसी वार्ड और एसएनसीयू भी अंधेरे में रहा। यहां तक कि सात महिलाओं का प्रसव टार्च की रौशनी में किया गया। अब यह बात शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
बेतिया के जीएमसीएच मे एक बड़ी लापरवाही देखने को मिली, जहां एक दो नहीं बल्कि सात महिलाओं का प्रसव टार्च जलाकर किया गया। गुरुवार की रात 9 बजे से शुक्रवार की सुबह करीब 11 तक यानी लगभग 13 घंटे से अधिक अस्पताल में बिजली सप्लाई ठप रही। इसके बाद भी न तो अधीक्षक किस पर ध्यान गया और न ही अस्पताल प्रबंधन का। इस वजह से सात अस्पताल के इस हालत से मरीज तथा उनके परिजन पूरी तरह परेशान रहे। बिजली ठप होने के कारण मरीज एवं उनके परिजन गर्मी से छटपटाते रहे। डॉक्टर तथा स्वास्थ्यकर्मी भी बिजली नहीं रहने से काफी बेचैन रहे।
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टार्च जलाकर सात महिलाओं का किया गया
बिजली बाधित रहने की वजह से जीएमसीएच के आईसीयू में भर्ती मरीज, 12 बेड के आईसीयू वार्ड में इलाजरत मरीज भी भगवान् का नाम लेते रहे। साथ ही इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टर और पारा मेडिकल स्टॉफ ने टार्च की रोशनी में मरीजों का इलाज करना पड़ा। इतना ही नहीं सात महिलाओं का प्रसव टार्च जलाकर किया गया। चिकित्सक का कहना है कि इसमें एक भी केस सिजेरियन का नहीं था।
परिजनों ने कहा अस्पताल और सिस्टम की है लापरवाही
अस्पताल प्रबंधक मो. शाहनवाज का कहना है कि अस्पताल में सीधा ग्रिड से बिजली सप्लाई होती है। ग्रिड में तकनीकी खराबी के कारण बिजली आपूर्ति ठप थी, जिस वजह से मरीज एवं उनके परिजनों को काफी परेशानी हुई है। हालांकि शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे से अस्पताल में बिजली की आपूर्ति शुरू हो गई है। उधर आईसीयू वार्ड में बगहा के गांधीनगर से आये मरीज गायत्री देवी (65) के पुत्र शंकर कुमार, नथूनी साह (60) के परिजन सीमा देवी तथा बेतिया उज्जैन टोला के मरीज मो. असलम (45) की बेटी रिजवाना खातून ने बताया कि बिजली कई घंटों तक गुल रही, यह अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही है। उन्होंने बताया कि बिजली नहीं रहने के कारण उनके मरीजों की स्थिति काफी खराब होने लगी। गर्मी से उनका बुरा हाल है। पूरी रात हाथ पंखा घुमाकर समय काटते रहे। जीएमसीएच के स्पेशल केयर यूनिट में भर्ती मरीजों को आईसीयू का ट्रीटमेंट भी प्रभावित रहा। गंभीर स्थिति में भर्ती मरीजों को ईसीजी, कार्डियक मॉनिटर की सुविधा नहीं मिल सकी। वहीं बिजली सप्लाई बंद होने के कारण शिशु विभाग के एसएनसीयू में भर्ती नवजात को मिलने वाली एसएनसीयू की सुविधा प्रभावित हुई।
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ओपीडी में भी खूब हुई फजीहत
जीएमसीएच में शुक्रवार की सुबह 8:30 बजे तक बिजली आपूर्ति व्यवस्था ठीक नहीं होने की स्थिति में ओपीडी में मरीजों का इलाज विलंब से शुरू हुआ। रजिस्ट्रेशन कराने के लिए मरीजों एवं उनके परिजनों की लंबी कतार लगी हुई थी। कुछ डॉक्टर अपने कक्ष में बैठ कर मरीजों को पर्ची लेकर आने का इंतजार कर रहे थे। लेकिन, बिजली सप्लाई नहीं मिलने के कारण रजिस्ट्रेशन काउंटर पर कर्मी परेशान रहे। बाद में काउंटर पर मौजूद कर्मियों ने मोबाइल टार्च की मदद से मैनुअल पर्ची काटना शुरू किया।
जीएमसीएच की अधीक्षक से नहीं हो पाई बात
इस संबंध में जीएमसीएच की अधीक्षक डॉ सुधा भारती का कहना है कि महिलाओं का प्रसव टार्च में नहीं दूसरी व्यवस्था से किया गया है। वह कौन सी व्यवस्था थी, यह उनकी बातों से स्पष्ट नहीं हो पाया। उन्होंने यह भी कहा कि मैंने पता किया तो विभाग के लोगों ने बताया कि इनवर्टर के बेकअप में ऑपरेशन हुआ है। बिजली नहीं रहने पर वैकल्पिक व्यवस्था के सवाल पर उन्होंने बताया कि हमलोग इस व्यवस्था का इन्तजाम पिछले एक महीने से कर रहे हैं, लेकिन एलएनटी उस व्यवस्था को उपलब्ध नहीं करवा पाया है। उन्होंने कहा कि यह एलएनटी की लचर व्यवस्था के कारण ऐसा हुआ है।