मानसून सत्र के दौरान विधानसभा में लगातार दो दिन भाजपा ने डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के इस्तीफे की मांग की। दोनों दिन भाजपा विधायक तेजस्वी के इस्तीफे की मांग पर अड़े लगे। लेकिन, इससे बावजूद सीएम नीतीश कुमार ने अब तक तेजस्वी यादव से इस मामले में बातचीत नहीं की या तेजस्वी यादव से इस्तीफे की मांग नहीं की। इसके पीछे का कारण बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने बता दिया। उन्होंने विधानसभा परिसर में भाजपा पर जमकर हमला बोला।
अगर FIR होने पर इस्तीफा लें तो भाजपा सब पर केस करवा देगी
अशोक चौधरी ने कहा कि भाजपा की दोहरी नीति नहीं चलेगी। भाजपा के नेता कहते थे NCP के लोग भ्रष्टाचारी है। तो आपने कैसे अजीत पवार को अपने सरकार में शामिल करवा दिया। ऐसा कौन सा डिटर्जेंट पाउडर आपके पास है जो आपके पास जाता है वह शुद्ध हो जाता है। और हमारे पास आता है महकने लगता है। उन्होंने कहा कि अब राजनीतिक परिस्थितियां बदल गई है। अगर FIR होने पर ही नीतीश कुमार इस्तीफा लेने लगे तो भाजपा वाले सब विधायक और मंत्री पर FIR करवाने लगेंगे। इन लोगों की नीयत साफ नहीं है। अगर FIR कैटेगरी हो तो भाजपा सब पर FIR करवा देगी। क्या गृह मंत्री अमित शाह पर केस नहीं हुआ है? समय का इंतजार करना चाहिए। समय बहुत बलवान होना है। देश के माहौल को खराब किया जा रहा है।
विजय सिन्हा बोले- मुख्यमंत्री ने कुर्सी के लिए सिद्धांत से समझौता कर लिया
इससे पहले नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने कहा कि मुख्यमंत्री भ्रष्टचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति की बात कह रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी से आपने FIR होने पर इस्तीफा लिया था। आपने मंजू वर्मा और राजद के कार्तिक कुमार से भी इस्तीफ लिया। इन लोगों तो केवल FIR हुआ था। तब भी इस्तीफा ले लिया गया। लेकिन तेजस्वी यादव पर चार्जशीट हुआ है तो क्यों अब तक उनका इस्तीफा नहीं लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कुर्सी के लिए सिद्धांत से समझौता कर लिया है। नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने कहा कि आप अगर संविधान का सम्मान करते हैं तो संवैधानिक पद की गरिमा को समझना चाहिए। अगर आप इस्तीफा नहीं ले पा रहे तो खुद इस्तीफा दे दें।