देश मे आपातकाल की स्थिति को लेकर जारी मॉकड्रिल की एडवाजरी के बाद बेगूसराय में भी हलचल तेज हो गई है। बेगूसराय जिले में आपात परिस्थितियों में नागरिक सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन की तैयारियां शुरू हो गई है। 7 मई को बेगूसराय और बरौनी शहर में 7 बजे शाम में ब्लैक आउट होगा। इससे कुछ मिनट पहले सायरन बजाया जाएगा। यह आपात परिस्थितियों में नागरिक सुरक्षा का अभ्यास है। जिला प्रशासन केंद्र सरकार के आदेश पर इसकी तैयारी में जुट गई है। बेगूसराय जिला बिहार का महत्वपूर्ण औद्योगिक जिला है, इस कारण यहां इस चीज की सख्त जरूरत है। आमजनों से जिलाधिकारी तुषार सिंगला ने सहयोग करने की अपील है।
बेगूसराय में ग्रिड से लाइट किया जाएगा ऑफ
जिलाधिकारी ने कहा कि बेगूसराय जिला काफी महत्वपूर्ण है। यहां उद्योग हैं, महत्वपूर्ण जंक्शन हैं और आबादी वाले जगह हैं। जिस कारण यहां की सुरक्षा व्यवस्था काफी महत्वपूर्ण है। एम्बुलेंस, रिफाइनरी, एम्बुलेंस सहित अन्य सायरन को सही तरीके से लगाया जाएगा। जिससे एक साथ बेगूसराय और बरौनी शहर में इमरजेंसी सायरन बजाया जा सके। अब इसको लेकर तैयारियां और ब्लूप्रिंट बनाई जा रही है। अपील किया कि बिजली कट होने के बाद भी जिलेवासी लाइट न जलाएं। शहर में अंधेरा होना चाहिए। यह मॉकड्रिल इसीलिये किया जा रहा है।
लोगों से पैनिक न होने की अपील
जिला प्रशासन द्वारा मीडिया से अपील किया कि जब मॉकड्रिल हो तो हमे सहयोग करें। इस दौरान पैनिक होने की बात नहीं है। करीब 20 मिनट तक इस स्थिति में प्रशासन का सहयोग करें। सरकार के ऐसे आदेश हैं। देश भर के जिलों को कई वर्गों में बांटा गया है। जिसमें बेगूसराय को 3 सरे ग्रुप में रखा गया है। हम उस हिसाब से तैयारी में जुटे हैं। जिलेवासियों से मॉकड्रिल के दौरान सहयोग देने और आश्चर्य न व्यक्त करने की अपील की।
पूर्णिया एसपी कार्तिकेय शर्मा और डीएम कुंदन कुमार।
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यह मॉक ड्रिल भारत सरकार के सिविल डिफेंस गाइडलाइन के तहत की जा रही है। यह अभ्यास देश के 244 जिलों में किया जाएगा, जिसमें बिहार के पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया, पटना और बेगूसराय जिलों को इस लिस्ट में शामिल किया गया है। डीएम कुंदन कुमार ने कहा है कि यह केवल एक रिहर्सल है और नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है. एसपी कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि युद्ध छिड़ा नहीं है, यह सिर्फ एक रिहर्सल है। पूर्णिया डीएम कुंदन कुमार और एसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि इसका मकसद लोगों को अलर्ट रखना और नागरिकों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है।
न करें ऐसा काम
उन्होंने किसी प्रकार की अफवाह या डर से बचने की सलाह दी है। पूर्णिया डीएम कुंदन कुमार और एसपी कार्तिकेय शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया है कि लोगों को खाने-पीने का सामान जमा करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह सिर्फ एक अभ्यास है। इस रिहर्सल में सिविल डिफेंस, होमगार्ड, आपदा प्रबंधन विभाग, दमकल विभाग, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस बल शामिल हैं। प्रशासन ने कहा कि यह मॉक ड्रिल पूर्णिया सहित पूरे राज्य के लिए एक सकारात्मक तैयारी का हिस्सा है और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।