Bihar : निगरानी विभाग ने निगरानी ब्यूरो, विशेष निगरानी इकाई और आर्थिक अपराध इकाई द्वारा दर्ज किये गये मामलों की जानकारी सार्वजनिक की है। यह उन विभागीय कर्मियों और पदाधिकारियों की सूची है, जिसमें उनपर भ्रष्टाचार के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
निगरानी विभाग अलग-अलग विभागों में भ्रष्टाचारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। मामले भी दर्ज किये जा रहे हैं, लेकिन आरोपियों के खिलाफ पूरी कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसको लेकर निगरानी विभाग ने एक बार फिर से निगरानी ब्यूरो, विशेष निगरानी इकाई और आर्थिक अपराध इकाई द्वारा दर्ज किये गये मामलों की जानकारी सार्वजनिक की है।
निगरानी विभाग के संयुक्त सचिव (विधि) अंजु सिंह ने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव व सचिवों को पत्र भेजा है, जिसमें यह कहा गया है कि सरकारी अधिकारियों और कर्मियों को प्रोन्नति के लिए निगरानी स्वच्छता प्रमाण पत्र दिया जाता है। इस आलोक में विभिन्न अधिकारियों-कर्मियों के खिलाफ दर्ज केस-आरोप पत्रों की सूची दी जा रही है।
निगरानी विभाग के पत्र में यह भी कहा गया है कि विभिन्न सरकारी सेवकों के खिलाफ निगरानी ब्यूरो, आर्थिक अपराध इकाई एवं विशेष निगरानी इकाई द्वारा दिसंबर 2024 तक दर्ज केस, न्यायालय में दायर की गई चार्जशीट की सूची भेजी जा रही है। अब 30 जून तक के मामलों में अलग से स्वच्छता प्रमाण पत्र की अधियाचना, निगरानी विभाग से करने की जरूरत नहीं है। वैसे, किसी भी अधिकारी-कर्मी के खिलाफ केस दर्ज होने पर प्राथमिकी की जानकारी दी जाती है। ऐसे में दी गई इस जानकारी को अपने विभाग में अपडेट करा लें। निगरानी स्वच्छता का संधारण अपने-अपने विभाग में करा लें। निगरानी विभाग ने सभी विभागों के सचिव से कहा है कि प्रोन्नति के मामले के अतिरिक्त अन्य मामलों में अगर निगरानी स्वच्छता की जरूरत हो तब इसके लिए अलग से पत्राचार करें।