Bihar : आज सावन के सोमवारी की धूम थी। हर कोई अपने-अपने काम में व्यस्त था। अचानक दो नाबालिग दोस्त दोपहर में स्नान करने घर से निकल गये। तभी शाम में किसी ने घर में आकर सूचना दी, जिसके बाद घर में रोना-धोना शुरू हो गया।
भागलपुर में स्नान करने के दौरान दो नाबालिग बच्चों की डूबने से मौत हो गयी। घटना नवगछिया के नारायणपुर प्रखंड स्थित भवानीपुर थाना अन्तर्गत मथुरापुर जहाज घाट की है। मृतक की पहचान मो खुर्शीद आलम के पुत्र अरमान (12) और मो निसार का पुत्र मो दिलशाद (13) के रुप में हुई है। मृतक अरमान मधेपुरा जिले का निवासी था। वह सोमवार को ही अपने नाना के घर फलौत मधुरापुर आया हुआ था। वही मो दिलशाद भी मधूरापुर पछियारी टोला, वार्ड नंबर दो का निवासी था। इस मर्माहत घटना के बाद से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।
गहरे पानी में जाने के कारण हुआ हादसा
घटना के संबंध में प्रत्यक्षदर्शियों ने घटना के संबंध में बताया कि स्नान के दौरान दोनों बच्चे गहरे पानी में चले गए तो आसपास मौजूद अन्य बच्चों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। बच्चों के शोर को सुनकर आसपास के लोग नदी में कूद पड़े। स्थानीय लोगों ने बच्चों की तलाश शुरू कर दी। ग्रामीणों के सहयोग से लगभग 30 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों बच्चों के शव को गंगा नदी से बाहर निकाला गया। स्थानीय लोगों ने दोनों बच्चों के शवों को नारायणपुर पीएचसी पहुंचाया। इधर सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी में जुट गयी। घटना के संबंध में भवानीपुर थाना प्रभारी ने बताया कि मृतक के शवों को पोस्टमार्टम के लिए जवाहरलाल नेहरु मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है।
परिजनों का आरोप, डाक्टर अस्पताल से थे नदारद
घटना के संबंध में परिजनों ने बताया कि दोनों बच्चे सोमवार की दोपहर करीब दो बजे घर से निकले थे और करीब शाम पांच बजे जानकारी मिली कि गंगा नदी में नहाने के क्रम में बच्चे डूब गए हैं। घटनास्थल पर पहुंचने के बाद मालूम हुआ कि ग्रामीण दोनों बच्चों को नारायणपुर स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां डाक्टर ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। मृतक बच्चों के परिजनों का आरोप है कि नारायणपुर स्वास्थ्य केंद्र में डाक्टर अनुपस्थित थे। अगर डाक्टर समय पर इलाज करते तो बच्चों की जान बच सकती थी। मृतक अरमान के पिता मो खुर्शीद आलम ने बताया कि डाक्टर अफसार आलम ड्युटी पर नहीं थे। वे करीब तीस विलम्ब से अस्पताल पहुंचे। इतने देर से अस्पताल पहुंचने के कारण बच्चों का इलाज समय पर नहीं हो सका, जिसके कारण इन बच्चों की मौत हुई हैं। डाक्टर की लापरवाही से आक्रोशित परिजन अस्पताल में हंगामा कर रहे थे। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने आक्रोशित परिजनों को शांत कराया।