औरंगाबाद में तालाब में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई। इनमें एक का शव सोमवार की शाम तथा दूसरे का शव मंगलवार को निकाला गया। घटना सिंहा कॉलेज-पोईवां रोड पर स्थित बैजनाथ बिगहा गांव की है। मृत बच्चों की पहचान बैजनाथ बिगहा निवासी गुड्डू कुमार के पुत्र आयुष कुमार (10) एवं प्रमोद कुमार के पुत्र राकेश कुमार (12) के रूप में की गई है। तालाब में डूबे बच्चों का शव बरामद होने के बाद ग्रामीण शव को ढूंढ़ने में शासन-प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए आक्रोशित हो गए। आक्रोशितों ने बैजनाथ बिगहा गांव के पास ही औरंगाबाद-पोईवां पथ को जाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने मर्माहत करने वाली इस घटना में उदासीन रवैया अपनाया।
पुलिस के उदासीन रवैये से ग्रामीण थे नाराज
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों के तालाब में डूबे होने की सूचना पर रात में अधिकारियों एवं पुलिस प्रशासन को कई बार फोन लगाया गया लेकिन किसी ने भी संज्ञान नहीं लिया। इतना ही नहीं गोताखोर के नही होने के बाद भी जब शव निकाल लिया गया तब थानाध्यक्ष ने शव को लेकर नगर थाना आने की बात कही। इस मामले में पुलिस ने रात में कुछ सिपाहियों को भेजकर खानापूर्ति की। इस दौरान ग्रामीणों ने मृतक बच्चों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की। बच्चों के शव मिलने की जानकारी मिलते ही जिला पार्षद अनिल यादव एवं राजद नेता डॉ. रमेश यादव घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि यह घटना काफी हृदय विदारक है। ग्रामीण प्रशासनिक अधिकारियों के रवैए से काफी नाराज हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण रात से ही गोताखोर की मांग करते रहे और घटनास्थल पर अधिकारियों के आने का आग्रह करते रहे लेकिन उनके तरफ से उदासीनता बरती गई। अंततः स्थानीय लोगों को खुद ही तालाब में उतर कर बच्चों के शवों को निकालना पड़ा।
मुआवजा के लिए तीन घंटों तक सड़क जाम रखा
मौके पर लगभग तीन घंटे तक सड़क जाम रहा, जिससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सड़क जाम की सूचना पर औरंगाबाद के बीडीओ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण मौके पर ही मुआवजा देने की मांग पर अड़े रहे। ऐसा प्रावधान नहीं होने की बात कहकर बीडीओ मुआवजे की राशि तुरंत दे पाने में अपनी असमर्थतता जताई। वही ग्रामीणों ने मुआवजा राशि के तुरंत भुगतान किए जाने की घटना का हवाला देकर उन्हें निरुत्तर कर दिया। अंततः वरीय अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद सड़क जाम हटाया जा सका। ग्रामीणों ने बताया कि कल शाम गांव के बच्चे तालाब के किनारे गेंद खेल रहे थे। इसी दौरान गेंद निकालने के लिए 5 बच्चे तालाब में कूदे लेकिन दो बच्चे डूब गए, जिसमे एक बच्चा राकेश का शव सोमवार को देर शाम एवं दूसरे बच्चे आयुष का शव मंगलवार को निकाला गया। दोनों बच्चों की मौत के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है।