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Bihar News: नीतीश सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में किया बड़ा फेरबदल, इन जिलों के सिविल सर्जन का भी तबादला

Wed, 16 Apr 2025 08:41 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Health Department: स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, बिहार स्वास्थ्य सेवा, बिहार दंत चिकित्सक सेवा, बिहार चिकित्सा शिक्षा सेवा और आयुष प्रक्षेत्र के कई डॉक्टरों का तबादला किया गया है।
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मंत्री मंडल पांडेय और स्वास्थ्य विभाग के सचिव प्रत्यय अमृत। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में बड़ा फेरबदल किया है। स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के 334 डॉक्टरों का ट्रांसफर किया है। इसमें तीन जिलों के सिविल सर्जन समेत 65 चिकित्सा पदाधिकारी भी शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार,  डॉ. विनोद कुमार चौधरी को नवादा, डॉ. दीपक कुमार को शिवहर और डॉ. राजकुमार चौधरी को किशनगंज का सिविल सर्जन बनाया गया है। दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल का उपाधीक्षक डॉ. अमित कुमार झा को बनाया गया है। यह स्थानांतरण अगले आदेश तक के लिए किया गया है।

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डॉ. राजेंद्र चौधरी स्वास्थ्य विभाग में अपर निदेशक बने

  • डॉ. नीता अग्रवाल, जो पहले नवादा में असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के रूप में कार्यरत थीं, उन्हें अब स्वास्थ्य विभाग, पटना में अपर निदेशक के पद पर स्थानांतरित किया गया है।
  • डॉ. देवदास चौधरी, जो शिवहर में असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी थे, अब मुंगेर में क्षेत्रीय उप निदेशक के रूप में अपनी सेवाएं देंगे।
  • डॉ. राजेंद्र चौधरी, अधीक्षक, संक्रामक रोग अस्पताल, अगमकुआं, पटना, को स्वास्थ्य विभाग, पटना में अपर निदेशक बनाया गया है।
  • डॉ. राज कुमार चौधरी, सह प्राध्यापक, ई.एन.टी. विभाग, अनुग्रह नारायण मगध चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, गया, को किशनगंज में असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है।


जानिए, स्वास्थ्य विभाग ने क्या निर्देश दिया  
अधिसूचना में सभी स्थानांतरित चिकित्सकों को निर्देश दिया गया है कि वह अपने नए पदस्थापन स्थान पर तुरंत योगदान करें। सभी संबंधित असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी/नियंत्री पदाधिकारी को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि यदि चिकित्सकों का पदस्थापन अतिरेक हो जाता है, तो उन्हें तत्काल मुख्यालय (स्वास्थ्य विभाग) में योगदान करने की व्यवस्था करें।

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