Bihar : बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का दरबार लगा था। उन्होंने मंच पर से ही मंत्र पढ़ना शुरू कर दिया। मंत्र उच्चारण होते ही वह शख्स अचानक जोर-जोर से हिलने लगा।
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दिव्य दरबार में जिन्न विद्या के प्रत्यक्ष निवारण देखने को मिला। दर्जनों व्यक्ति अपने हाथ चारों तरफ फेंकने लगे। वहीं कुछ व्यक्ति जमीन पर गिरकर छटपटाने लगे।
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जिन्न को शरीर से निकलते देख लोगों में मची भगदड़
बागेश्वर धाम के दिव्य दरबार में आम जनमानस की निजी और नौकरी से जुड़ी समस्याओं का हल मिलने का दावा किया जाता है। इसके साथ ही धीरेंद्र शास्त्री दावा करते है कि वह बालाजी की कृपा से भूत और जिन्न विद्या का निवारण कर सकते है। धीरेंद्र शास्त्री के दरबार में जिन्न विद्या के प्रत्यक्ष निवारण गोपालगंज जिले के भोरे प्रखंड की हुस्सेपुर पंचायत के रामनगर मठ पर आयोजित हनुमंत कथा में देखने को मिली।
दरबार में प्रेत को मार लगाई
दिव्य दरबार में एक व्यक्ति हाथ जोड़दार हिले जा रहा था। उसके चारों तरफ लोग बैठे हुए हैं। पहले तो उस पर किसी ने कोई खास ध्यान नहीं दिया। धीरेंद्र शास्त्री भी अपना पर्चा बनाते रहते है। थोड़ी देर बाद उस व्यक्ति को और तेजी से झटका लगने लगा। देखते ही देखते व्यक्ति अपने हाथ चारों तरफ फेंकने लगा। धीरेंद्र शास्त्री माइक से कथित तौर पर व्यक्ति पर आए भूत प्रेत भगाने लगे। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, 'और मार लगाओ इसे। इसकी पूरे शरीर में उठा-पठक करो। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि इस प्रेत ने व्यक्ति को काफी परेशान किया है। इसने व्यक्ति का जीवन बर्बाद कर दिया। थोड़ी ही देर में व्यक्ति झटके खाते हुए अपनी जगह से जमीन पर गिर गया।
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लोगों में मची भगदड़
व्यक्ति के गिरते ही उसके आस-पास बैठे लोग भी दूर हो गये। धीरेंद्र शास्त्री माइक से ही मंत्र पढ़ रहे थे। दिव्य दरबार में यह दिखा कि मंत्र के असर से ही व्यक्ति जमीन पर गिरकर छटपटाने लगा। बागेश्वर धाम सरकार मंत्र का निरंतर जाप करते रहे और फूंक मारते रहे। वह रोगी व्यक्ति दरबार में छटपटाता रहा। इसी बीच धीरेंद्र शास्त्री दरबार में आए दूसरे लोगों की अर्जी सुनने लगे।