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Bihar News: 'सीएम नीतीश कुमार ने नेता प्रतिपक्ष के पत्र का जवाब क्यों नहीं दिया', तेजस्वी यादव ने कारण बताया

Mon, 09 Jun 2025 09:10 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

तेजस्वी यादव ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार के पास मेरे पत्र का कोई जवाब नहीं है। वह आदतन ऐसा करते हैं या अधिकारी उन्हें पत्र दिखाते नहीं हैं। तेजस्वी ने कहा कि वंचित वर्गों की हकमारी का अधिकार किसी को भी नहीं है। एनडीए सरकार ने आरक्षण के मुद्दे पर चुप्पी साध ली है। 
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तेजस्वी यादव और नीतीश कुमार - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
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बिहार विधानसभा चुनाव से पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव आरक्षण के मुद्दे पर नीतीश सरकार को घेरने में लगे हुए हैं। उन्होंने पांच जून को सीएम नीतीश कुमार को एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने वंचित वर्गों के लिए आरक्षण सीमा को बढ़ाकार 85 प्रतिशत करने की मांग की थी। इस पत्र का जवाब जब नहीं मिला तो तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखा और अपने पत्र का जवाब नहीं मिलने का कारण बताते हुए सीएम नीतीश कुमार पर जमकर हमला बोला। आइए जानते हैं तेजस्वी यादव क्या कहा...

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विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलाना चाहिए
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर आरोप लगाया कि सामाजिक न्याय का ढोल पीटने वाले ऐसे दल जिनके बलबूते मोदी सरकार चल रही है वो हमारी सरकार द्वारा बढ़ाई गयी 65% आरक्षण सीमा को संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल कराने में असफल क्यों है? मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, जीतनराम मांझी, उपेंद्र कुशवाहा को दलित,आदिवासी, पिछड़ा-अतिपिछड़ा वर्गों की इस हकमारी के खिलाफ आरक्षण पर मुंह खोलना चाहिए। सिर्फ़ कुर्सी से चिपके रहने के लिए राजनीति नहीं होती है। अगर प्रधानमंत्री से यह सब लोग इस छोटी सी मांग को भी पूरा नहीं करा सकते है तो इनका अपनी राजनीति एवं ऐसे गठबंधन में रहना धिक्कार है। अगर नीतीश जी, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के सामने इस विषय पर कुछ बोलने में असमर्थ है तो उन्हें विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलाना चाहिए फिर देखिए कैसे हम इसे लागू कराते हैं।

तेजस्वी बोले- नीतीश सरकार जानबूझकर ऐसा कहर रही
तेजस्वी यादव ने लिखा कि सर्वदलीय समिति द्वारा किए गए अध्ययन के आलोक में बिहार विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलाकर एक नया आरक्षण विधेयक पारित करा कुल 85 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान कर इसे 9वीं अनुसूची में डालने की अनुसंशा केन्द्र सरकार से की जाए ताकि आरक्षण विरोधी तत्वों एवं भाजपाई सरकार को इसे भी विभिन्न माध्यमों से पुनः रद्द कराने का मौका न मिल सके। नेता प्रतिपक्ष ने पूछा कि क्या भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस की नीतियों पर चल रही यह एनडीए सरकार नहीं चाहती कि वंचित वर्गों के आरक्षण की वर्तमान सीमा को बढ़ाकर 85 प्रतिशत किया जाए जिससे कि राज्य के दलित-आदिवासी, पिछड़ा अति पिछड़ा एवं अन्य दबे-कुचले लोगों को बढ़े हुए आरक्षण का यथाशीघ्र लाभ मिले तथा उन्हें शिक्षण संस्थानों में नामांकन के साथ-साथ सरकारी नौकरियों में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिल सके। तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीश कुमार पर आरोप लगाया कि आप और आपकी सरकार जान-बूझकर इस मामले को लटका और भटका रही है।
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