नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव
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तेजस्वी यादव ने क्या लिखा कि मच गया हंगामा
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस मामले पर केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया कि केंद्र सरकार ने भारतीय मक्का अनुसंधान केंद्र (IIMR) के बेगूसराय स्थित मक्का अनुसंधान एवं बीज उत्पादन केंद्र को कर्नाटक के शिवमोग्गा में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने यह भी लिखा कि केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने इसकी मंजूरी दे दी है और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खुद इस बात की जानकारी दी है। चौहान ने बीवाई राघवेंद्र को लिखे पत्र में बताया कि 15वें वित्त आयोग की अवधि (2021-22 से 2025-26) के दौरान मक्का अनुसंधान केंद्र को लुधियाना से बेगूसराय शिफ्ट किया जाएगा। इस पत्र के बाद बिहार की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर बहस शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे बिहार और बेगूसराय के लिए दुर्भाग्यपूर्ण तो कुछ इसे बिहार के साथ नाइंसाफी मान रहे हैं।
बेगूसराय में मक्का रिसर्च केंद्र की स्थापना 4 मई 1997 को हुई थी, जब देश के प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल थे। अब केंद्र सरकार इसे कर्नाटक शिफ्ट करने जा रही है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार और बिहार के किसानों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, NDA और भाजपा को क्या समस्या है? उन्होंने कहा कि पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया और समस्तीपुर जिलों के किसानों की आय का मुख्य स्रोत मक्का की खेती है। नीलगाय और बाढ़ की समस्याओं का सामना करते हुए भी मक्का उत्पादन में बिहार के किसान देश में अव्वल हैं। यह निर्णय किसान और बिहार विरोधी है, और बिहार के अन्नदाता इसका हिसाब लेंगे।
पप्पू यादव ने भी शेयर की वही चिट्ठी, भाजपा ने कहा- भ्रम फैला रहे
इसके बाद पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने भी सोशल मीडिया पर यह पत्र साझा करते हुए सरकार पर निशाना साधा। इसपर नगर भाजपा विधायक कुंदन कुमार सिंह ने कहा कि यह पत्र 2024 में जारी हुआ था, लेकिन उस समय केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कृषि मंत्री से मिलकर इस निर्णय को रोकने का प्रयास किया। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर विपक्ष द्वारा वायरल किया जा रहा पत्र सही नहीं है और यह जनता को भ्रमित कर रहा है।
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बाएं, गिरिराज सिंह की लिखित अपील। दाएं, वायरल हुआ पिछले साल का पत्र।
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बात नहीं हो सकी, बाद में कार्यालय ने जारी किया सांसद का बयान
मक्का अनुसंधान केंद्र बेगूसराय को हटाए जाने की बातें वायरल होने को लेकर 'अमर उजाला' ने सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से संपर्क का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं हो सकी। बाद में सांसद की ओर से उनके कार्यालय ने बयान जारी किया। बेगूसराय के भाजपा सांसद गिरिराज सिंह ने कहा- ''पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर मक्का अनुसंधान केंद्र, बेगूसराय को अन्यत्र स्थानांतरित किए जाने को लेकर भ्रामक अफवाहें फैलाई जा रही थीं। इस संबंध में पहले भी स्पष्ट जवाब दिया जा चुका था, बावजूद इसके कुछ लोग लिखित स्पष्टीकरण की मांग कर रहे थे। इस संबंध में 17 जनवरी 2025 को ही कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से टेलीफोन पर वार्ता हो चुकी थी, जिसमें मक्का अनुसंधान केंद्र को बेगूसराय में ही बनाए रखने की बात रखी गई थी। उन्होंने इसपर आश्वासन दिया था। इसके अतिरिक्त कृषि सचिव से भी इस विषय में चर्चा की थी।" इस बयान के साथ 18 मार्च 2025 को लिखे पत्र को संलग्न करते हुए बताया गया है कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट रूप से आश्वासन दिया है कि इस संबंध में जो भी पत्र पूर्व में जारी किया गया था, उसे अगले सप्ताह के भीतर निरस्त कर दिया जाएगा। सांसद गिरिराज सिंह ने बिहार व बेगूसराय की जनता से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह या गलत सूचना पर ध्यान न दें और निश्चिंत रहें कि मक्का अनुसंधान केंद्र बेगूसराय में ही रहेगा।