बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव बुधवार को नालंदा पहुंचे, जहां उन्होंने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब वह जी-20 सम्मेलन में थे, तब कहते थे कि सरकारी नौकरी देना असंभव है। लेकिन हमने अपने 17 महीने के कार्यकाल में गांधी मैदान से ऐलान कराया और उसी मैदान में नियुक्ति पत्र भी बांटे। जो असंभव लग रहा था, हमने उसे संभव कर दिखाया। तेजस्वी ने कहा कि मुख्यमंत्री अब उम्रदराज हो चुके हैं और राज्य को सही तरीके से नहीं चला पा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि बिहार में विकास ठप हो चुका है, गरीबी, पलायन और महंगाई चरम पर है। स्मार्ट मीटर और जमीन सर्वेक्षण से लोग परेशान हैं।
अब इस सरकार को हटाने का मन बना चुकी है जनता
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि एनडीए सरकार के पास काम करने की इच्छाशक्ति नहीं बची है। उन्होंने बिहार सरकार की तुलना पुरानी हो चुकी गाड़ियों से की। कहा कि जैसे सरकार 15 साल पुरानी गाड़ियों को चलाने की इजाजत नहीं देती क्योंकि वह खटारा हो जाती हैं और प्रदूषण फैलाती हैं और बार-बार सर्विसिंग की जरूरत पड़ती है। इसी तरह पिछले 20 साल बिहार में चल रही सरकार अब भी अब निष्क्रिय हो गई है। चाचा जी केवल नाम की ही मुख्यमंत्री हैं। असली सत्ता तो चंद अधिकारी और नेता चला रहे हैं। वह सरकारी खजाने की लूट में लगे हैं। तेजस्वी ने बिहार में बदलाव का समय आ गया है और जनता अब इस सरकार को हटाने का मन बना चुकी है।
बीपीएससी अभ्यर्थियों के समर्थन में तेजस्वी
बीपीएससी अभ्यर्थियों के विरोध प्रदर्शन पर भी तेजस्वी यादव ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जब उनकी सरकार थी, तब किसी परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ था। लेकिन अब लगातार परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं, जिससे अभ्यर्थियों का भविष्य अंधकार में जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इस मसले पर उनकी चिट्ठी का भी जवाब नहीं मिला, जिससे यह साफ होता है कि सरकार इस मामले में गंभीर नहीं है।