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Electoral Bond : सरकार और राजनीतिक दलों के साथ CBI-ED के खिलाफ भी सुप्रीम कोर्ट में अपील, घूस खाने का आरोप

Sat, 04 May 2024 07:10 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

बिहार इंडस्ट्रीज इसोसिएशन सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड के तहत 16500 करोड़ के बॉन्ड खरीदे गए। इनमें 10 हजार करोड़ की घूस के एवज में लाखों करोड़ के कांट्रैक्ट ऐसी ऐसी कंपनियों को दिए गए जो भ्रष्ट थीं।
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सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता प्रशांत भूषण। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशात भूषण ने पटना पहुंचकर प्रेस कांफ्रेंस किया। उन्होंने इलेक्टोरल बॉन्ड घोटाले की एसआईटी जांच करवाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल दाखिल किया है। प्रशांत भूषण ने कहा कि बिना किसी का नाम लिए एनडीए सरकार पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि रूलिंग पार्टियों ने इलेक्टोरल बॉन्ड के नाम पर धन इकट्ठा किया। सिर्फ रूलिंग पार्टी में ही चंदा नहीं लिया बल्कि अलग-अलग राज्यों में बनी सरकार ने भी इस बांड के जरिए चंदा इकट्ठा किया है। 

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देश का ही नहीं बल्कि विश्व का सबसे बड़ा घोटाला है
बिहार इंडस्ट्रीज इसोसिएशन सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड के तहत 16500 करोड़ के बॉन्ड खरीदे गए। इनमें 10 हजार करोड़ की घूस के एवज में लाखों करोड़ के कांट्रैक्ट ऐसी ऐसी कंपनियों को दिए गए जो भ्रष्ट थीं। जो वह काम कभी खत्म ही नहीं करेंगी। बेकार तरीके से काम करेंगी, उन कंपनियों से पैसे लेकर उनके लाखों-करोड़ों रुपये के टैक्स माफ कर दिए गए। इन कंपनियों ने टैक्स चोरी की थी। उन कंपनियों से हजार दो हजार रुपये की घूस लेकर लाखों लोगों को मौत के घाट उतार दिया। उनकी जानलेवा दवाईयां चलने दीं। ऐसी-ऐसी कंपनियों से इन्होंने चुनावी बांड लिया, जो बिल्कुल नई थीं। घाटे में चल रही थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पति पराकाला प्रभाकर कहते हैं इलेक्टोरल बॉन्ड का घोटाला केवल देश का ही नहीं बल्कि विश्व का सबसे बड़ा घोटाला है। 

सीबीआई के सेवानिवृत अधिकारियों की टीम जांच करेगी
प्रशांत भूषण ने कहा कि कि केंद्र सरकार की निष्पक्ष जांच एजेंसियों ने किस तरह से सरकार को फायदे पहुंचाएं हैं। उन्होंने बताया कि एसआईटी जांच के बाद पता चलेगा की इनकम टैक्स, सीबीआई, ईडी के कौन वह अधिकारी हैं? जिन्होंने इस चुनावी बांड के जरिए राजनीतिक दलों को फायदा पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज के अलावा इसमें सीबीआई के सेवानिवृत अधिकारियों की टीम जांच करेगी और जो दोषी को सुप्रीम कोर्ट उसे पर शख्स कार्रवाई करें। 

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