ज्योतिषाचार्य डॉ. श्रीपति त्रिपाठी ने नीतीश कुमार के भविष्य को लेकर क्या कहा?
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लगभग यही समय था, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पिछले साल सुर्खियों में आए थे। वह महागठबंधन सरकार के मुखिया के रूप में बिहार चला रहे थे। अपनी पार्टी जनता दल यूनाईटेड की कमान अपने विश्वस्त सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के पास दे रखी थी। मन कुछ बदला और पहले एक झटके में जदयू अध्यक्ष की कुर्सी वापस अपने पास ले ली। इसके बाद तेजी से राजनीतिक घटनाक्रम में बदलाव हुआ। 28 जनवरी 2024 को सुबह होते-होते सबकुछ बदल गया। सुबह में भी सीएम नीतीश कुमार ही थे और शाम में भी, लेकिन उन्होंने महागठबंधन छोड़ 2020 विधानसभा चुनाव के जनादेश के तहत भारतीय जनता पार्टी के साथ सरकार बना ली थी। समय लगभग वही है और नीतीश कुमार फिर दिल्ली निकले हैं। चर्चा खूब तेजी से उठी कि वह इस्तीफा देने वाले हैं। यह सवाल कई दिनों से चल रहा था, अब ज्यादा गरमाई हुई है राजनीति। ऐसे में प्रख्यात ज्योतिषविद् डॉ. श्रीपति त्रिपाठी ने 'अमर उजाला' के लिए सीएम नीतीश कुमार की कुंडली देखी तो क्या बताया, जानें आगे।
हमने ज्योतिष विशेषज्ञ डॉ. श्रीपति त्रिपाठी से जो सवाल पूछे
2014 में भाजपा नेता नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने, लालू प्रसाद यादव-अरविंद केजरीवाल आदि के जेल जाने से लेकर दर्जनों राजनीतिक हस्तियों की भविष्यवाणी करने के कारण चर्चित ज्योतिष विशेषज्ञ डॉ. श्रीपति त्रिपाठी से हमने यह सवाल पूछा- "मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रगति यात्रा पर निकले, फिर रुक गए। वजह अलग है। यात्रा का अगला चरण अगले साल, यानी जनवरी से है। इस बीच सवाल यह उठ रहा है कि क्या नीतीश कुमार एनडीए छोड़ने वाले हैं या एनडीए ने उनके खिलाफ़ कोई दूसरी व्यवस्था कर रखी? मतलब, भाजपा ने बिहार के लिए भी महाराष्ट्र मॉडल की तैयारी कर रखी है? क्या नीतीश कुमार का समय फिर उथलपुथल वाला चल रहा है? मतलब, उनका मन डाेल रहा है? वह बदलाव करेंगे या बदलाव होने वाला है? 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में बिहार में एनडीए किस चेहरे पर चुनाव लड़ेगी? तबीयत कैसी रहेगी?"
कुंडली के बारे में समझाते हुए मिला जवाब- 2026 तक बदलाव नहीं
हमारे पास जो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कुंडली उपलब्ध है, उसके अनुसार इनका जन्म 1 मार्च 1954 को बख्तियारपुर में दोपहर बाद एक बजकर 20 मिनट पर हुआ था। जन्म का लग्न चक्र मिथुन लग्न का बना है। इस लग्न चक्र का संपूर्ण जीवन पर असर पड़ता है। जन्म के समय वृश्चिक राशि थी। मिथुन लग्न की कुंडली में तीसरे स्थान में केतु विराजमान हैं। चतुर्थ स्थान में शनि हैं। वृश्चिक का चंद्रमा इनके छठे भाव में बैठा है। इनके भाग्य स्थान में सूर्य, गुरु और राहु विराजमान हैं। गुरु चंडाल योग और सूर्य ग्रहण योग के कारण इन्हें धोखा मिलता है। वृश्चिक राशि के होने के कारण इनका भरोसा बार-बार टूटता है। दशम स्थान पर इनकी कुंडली के कारक शुक्र ग्रह हैं, जो मंगल के साथ बैठे हुए हैं। ऐसी कुंडली में शुक्र दसवें स्थान में हों तो राजसत्ता का सुख देने वाले होते हैं। यह सत्ता सुख भोग भी रहे हैं। अभी राहु में शुक्र की अंतर्दशा चल रही है। राहु बहुत विचलित करने वाला होता है, बदलाव कराता है। लेकिन, ग्रहों की दशा-दिशा और अंतदर्शा की स्थिति बताती है कि 2023 से वह लगातार उत्तरोत्तर वृद्धि को प्राप्त करने वाले और यहां तक कि पीएम मैटेरियल के रूप में भी उभरने वाले थे। लोकसभा चुनाव में किंग मेकर की कहीं-न-कहीं भूमिका रही भी। जहां तक अगले साल का सवाल है तो सिर्फ 2025 ही नहीं, मई 2026 तक इनके ग्रह-नक्षत्र इनके साथ नजर आ रहे हैं। मतलब, 2025 के चुनाव में सत्ता इनके आसपास ही रहेगी। यानी, नीतीश कुमार कहीं नहीं जा रहे हैं। इन्हीं के नेतृत्व में एनडीए चुनाव में उतरेगी। हां, चंद्रमा के कारण इनकी मानसिक परेशानी का भी समय रहेगा।