बिहार में शराबबंदी के बाद पकड़ी गई शराब की एक बड़ी खेप निबटाने का आरोप चूहों पर लगा था। राज्य के तत्कालीन जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने बांधों को तोड़ने के लिए चूहों को पहले ही उत्तरदायी करार दिया था। तब इसपर राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद और ललन सिंह में जमकर ठनी भी थी। अब ललन सिंह जनता दल यूनाईटेड अध्यक्ष हैं, लेकिन सरकार जदयू की ही है। ऐसे में सरकारी अफसरों ने सीवान में अचानक गंडक नहर का बांध टूटने का आरोप चूहों पर मढ़ दिया है। गंडक के पानी से गांव में अफरातफरी का माहौल है। पानी के धार से मिट्टी का कटाव हो रहा है, जिसको लेकर बाढ़ नियंत्रण विभाग के द्वारा मिट्टी भराव और राहत कार्य जारी है।
मामला सीवान के लकड़ी नबीगंज प्रखंड के खवासपुर गांव का है। गंडक नहर का बांध पर पानी का दबाव बढ़ने से बांध टूट गया और पानी का बहाव गांव में तेजी से प्रवेश करने लगा, जिसके बाद बांध से सटा गांव खवासपुर में बाढ़ जैसा नजारा हो गया। गांव में अचानक पानी का प्रवेश होने से लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल, स्थानीय प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत से पानी को नियंत्रण करने का प्रयास किया जा रहा है।
गंडक विभाग के एसडीओ घटनास्थल पर टूटे हुए बांध का जायजा लिए। अधिकारी बांध ढहने के लिए चूहों को दोषी बता रहे हैं। अगर विभाग द्वारा जल्द ही इस बांध की मरम्मत नहीं की गई तो कई और गांव इसकी चपेट में आ सकते हैं और उनकी फसल पानी में डूब सकती है। अधिकारियों ने कहा कि चूहों ने बांध को जगह-जगह से कुरत दिया और हालत यह हो गई कि अंदर ही अंदर इन इनके बिलों में पानी भरने से बांध ढह गया। 2017 में भी इसी तरह बांध ढहने पर चूहों पर आरोप लगा था। तब तत्कालीन जल संसाधन मंत्री ने विस्तार से बताया था कि चूहे कैसे जिम्मेदार हैं। अफसरों ने अब इस बांध के ढहने में उसी फॉर्मूले की जानकारी दी है।