वह जमीन किसी मठ के नाम पर यूं ही पड़ी थी। वर्षों से इसपर कूड़ा-कचरा भी जमा था। लेकिन, अब यह जमीन पूजा-पाठ की जगह बन गई है। इस जमीन के अंदर से मंदिरनुमा आकृति मिली है, जिसके अंदर शिवलिंग और दो पदचिह्न हैं। लोगों ने किसी अधिकारी के पहुंचने के पहले यहां खुद ही खुदाई की और साफ-सफाई के बाद पूजा-पाठ शुरू कर दिया। शहर के अलग-अलग हिस्सों में मस्जिद और पुराने घरों के अंदर से मंदिर मिलने का सिलसिला जारी था, लेकिन बिहार की राजधानी पटना में ऐसा पहली बार सामने आया है। पटना के पुराने इलाके पटना सिटी में यह मंदिरनुमा आकृति और शिवलिंग-पदचिह्न मिले हैं। यह कितना पुराना है, इस बारे में अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं आई है। यह पुरातन है भी या नहीं, इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है।
500 साल से भी पुराना है खंडहरनुमा मठ के अंदर शिव जी का प्राचीनतम मंदिर
यह मंदिर पटना के सुल्तानगंज थाना अंतर्गत बीएनआर ट्रेनिंग कॉलेज के सामने नारायण बाबू गली में स्थित एक मठ परिसर में मिली है। उस स्थल के पास ही रहने वाले महेंद्र कुमार ने बताया कि "बीएनआर के सामने नारायण बाबू गली में मठ की काफी जमीन है। कई लोगों ने मठ के जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है और इन्हीं में से एक लक्ष्मण मठ है। मठ को कब्जा करने वाले लोग इसमें कूड़ा-करकट फेंक रहे थे। आज अचानक उसमे एक छेद नजर आया। उत्सुकतावश जब वहां मजूद लोगों ने उस छेद के अंदर ध्यान से देखा तो अंदर में चमकता हुआ कुछ दिखाई पड़ा। फिर लोगों ने उसे खोदना शुरू कर दिया। इस दौरान जब लोग अंदर जाते गए तो अंदर प्राचीन शिवलिंग मिला। इसे देखकर लग रहा है कि खंडहरनुमा मठ के अंदर शिव जी का प्राचीन मंदिर 500 साल से ज्यादा पुराना है।"