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मुखिया 420 : पूर्वज बांग्लादेशी, नागरिकता नेपाल के साथ भारत की... फर्जी प्रस्तावक पर बिहार में जनप्रतिनिधि बनी

Thu, 29 Feb 2024 05:28 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा

सार

सदर एसडीओ विकास कुमार ने किसी भी जनप्रतिनिधियों के चुनाव जीत जाने के बाद जिला प्रशासन का जनप्रतिनिधि पर कोई नियंत्रण नहीं होता है। इसके लिए चुनाव आयोग ही किसी जनप्रतिनिधि हटाने में सक्षम प्राधिकार है।
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आरोप है कि मुखिया सबा खातुन ने नेपाल में भी मतदाता पहचान पत्र बनाया है। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार में एक महिला मुखिया काफी चर्चा में है। चर्चा का कारण है कि उनकी दोहरी नागरिकता। इस कारण उनको हटाने की मांग की जा रही है। कोठिया के निवासी और वार्ड सदस्य जितेंद्र प्रसाद ने आवेदन देकर मुखिया को हटाने की मांग की। कहा कि केवटी प्रखंड के कोठिया पंचायत की मुखिया सबा परवीन उर्फ सबा खातून दोहरी नागरिकता रखने के बाद वह बिहार के दरभंगा जिला के केवटी प्रखंड के कोठियां पंचायत की मुखिया बनी हुई है। सबा परवीन उर्फ सबा खातून के पास नेपाल के साथ भारत की भी नागरिकता प्राप्त है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस महिला मुखिया के पूर्वज बांग्लादेश के रहनेवाले हैं। इनकी माता के पास भी भारत और नेपाल की नागरिकता है। सबा खातून ने मुखिया बनने के लिए छह समर्थक लोगों का अवैध पहचान पत्र बनवाया था। 

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सबा खातून का नाम भारत की मतदाता सूची में दर्ज है। इसका मतदाता पहचान पत्र नंबर 1956549 है। इसके पति का नाम मोहम्मद जावेद आलम अंकित है। जबकि सबा खातून का नाम नेपाल की मतदाता सूची (मतदाता संख्या 1874108 और क्रमांक 2321) दर्ज है। नेपाल के मतदाता पहचान पत्र में इनके पिता का नाम एजाज अहमद और माता का नाम अहमदी खातून दर्ज है। वहीं स्थायी पता में सिरहा नगर पालिका 4 अंकित है।

29 फरवरी को आत्मदाह की धमकी दी थी
इस मामले को लेकर कोठियां पंचायत वार्ड सदस्य जितेंद्र प्रसाद लगातार जिला प्रशासन के पास मुखिया की दोहरी नागरिकता के खिलाफ शिकायत करते आ थे लेकिन इसका कोई निराकरण नहीं हो रहा था। जितेंद्र प्रसाद ने थक हारकर लड़ाई को आगे बढ़ाने को दरभंगा डीएम राजीव रौशन को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें जितेंद्र प्रसाद ने कहा था कि अगर मेरी बात सुनी नहीं गई तो मैं 29 फरवरी को आत्मदाह कर लूंगा। इसके बाद जिला प्रशासन की तरफ जितेंद्र प्रसाद को बुलाकर समझाया गया और शिकायत पर सुनवाई का आश्वासन भी दिया। इन्होंने आत्महत्या की बात वापस ले ली है। 
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जनप्रतिनिधि हटाने के लिए चुनाव आयोग ही सक्षम प्राधिकार
सदर एसडीओ विकास कुमार ने किसी भी जनप्रतिनिधियों के चुनाव जीत जाने के बाद जिला प्रशासन का जनप्रतिनिधि पर कोई नियंत्रण नहीं होता है। इसके लिए चुनाव आयोग ही किसी जनप्रतिनिधि हटाने में सक्षम प्राधिकार है। उन्होंने जितेंद्र प्रसाद को इस मामले से सम्बंधित जानकारी देकर उन्हें सही जगह पर गुहार लगाने की जानकारी दी है। सदर एसडीओ ने कहा कि अब जितेंद्र प्रसाद को जिला प्रशासन से कोई शिकायत नहीं है। आत्मदाह की धमकी मामले में इन्होंने माफीनामा लिखकर जिला प्रशासन को दिया है।

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