पटना के गांधी मैदान में पहली बार सनातन महाकुंभ का आयोजन हुआ। देश के बड़े मठों के करीब 500 संत कई बड़े कथावाचक, राजनेता समेत करीब एक लाख लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए। जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की। रामभद्राचार्य ने कहा कि अब यह बिहार हिंदू विरोधियों को सत्ता नहीं सौंपेगा। वहीं पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने स्पष्ट कहा कि मैं राजनीति नहीं रामनीति के चक्कर में बिहार आया हूं। आइए जानते हैं जगद्गुरु रामभद्राचार्य और पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने क्या कहा बातें कहीं...
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि अब यह बिहार हिंदू विरोधियों को सत्ता नहीं सौंपेगा। पूर्व के शिक्षा मंत्री ने रामचरितमानस पर हमला किया था। मैं खुलकर कह रहा हूं, जिसने अपनी मां का दूध पिया हो, वो आकर मेरे सामने बोले। अगर वो मेरे प्रश्न का उत्तर नहीं दे पाए तो उनको गंगा में समाधि लेनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि मैं इसी गांधी मैदान में नौ दिन की कथा करने आऊंगा। रामभद्राचार्य ने यह भी कहा कि जो वंदे मातरम कहेगा वही भारत में राज करेगा। उन्होंने वक्फ बोर्ड को लेकर कहा कि वक्फ बोर्ड अब कभी नहीं हटेगा, ये मैं मंच से घोषणा करता हूं। रगड़ लो जितनी नाक रगड़नी है। हम सब राम-सीता के अनुयायी हैं। उन्होंने कहा कि जहां देखो वहां खून की नदी बह रही है। लेकिन, हमको डरने की जरूरत नहीं है।
आपलोग काष्टवाद से उठकर राष्ट्रवाद के प्रति समर्पित हो जाएं
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि सनातन महाकुंभ की महायात्रा में मैं आया हूं। बिहार से मेरा आत्मीय नाता है। बिहार का कर्जा हम जीवनभर नहीं भुला सकते हैं। इस बिहार की भूमि को हम प्रणाम करते हैं। आचार्य शास्त्री ने महंत राजू दास समेत सभी महंतों को प्रणाम करते हुए कहा कि यदि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना है, तो बिहार पहला राज्य होगा जो इसे प्राप्त करेगा। उन्होंने कहा कि बिहार में हम राजनीति नहीं राम नीति के चक्कर में आए हैं। हम लोगों से अपील करते हैं कि आप लोग काष्टवाद से उठकर राष्ट्रवाद के प्रति समर्पित हो जाएं। सनातन खतरे में नहीं सॉफ्ट टारगेट पर जरूर है।
हम हिंदुओं को छोड़ के जाने वाले नहीं हैं
आचार्य शास्त्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर एक पिता के चार बेटे हैं, तो क्या किसी को एक बेटा प्रिय हो सकता है? उन्होंने सभी हिंदुओं से एकजुट रहने की अपील की और कहा कि हमें एक-दूसरे से नहीं लड़ना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी राजनीतिक पार्टी के नहीं हैं, बल्कि सभी पार्टियों के हिंदुओं के साथ हैं। कहा कि हम राम के हैं, हम सनातन के हैं, हम संतों के हैं। आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने चुनावों के बाद बिहार आने और पैदल यात्रा करने का भी एलान किया। कहा कि मैं चुनाव के बाद बिहार में पैदल यात्रा करूंगा। उन्होंने जातीय वाद को समाप्त कर राष्ट्रवाद को बढ़ावा देने की बात की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग तिरंगा में चाँद चाहते हैं और हम चाँद पर तिरंगा चाहते हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वे दिल्ली से वृंदावन तक पैदल यात्रा करेंगे और हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए लोगों से जुड़ने की अपील की।