बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज शाम दिल्ली जा रहे हैं। वहां वह गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात करेंगे। मंत्रिमंडल का स्वरूप कैसा होगा? विजय सिन्हा समेत भाजपा के सभी वरिष्ठ नेता की भूमिका नई सरकार में क्या होगी? इन सब समेत कुछ विशेष मुद्दों पर बातचीत करने वह दिल्ली जा रहे हैं। वहीं पर मंत्रिमंडल की सूची और तारीख भी पक्की होगी। हालांकि, संभावना है कि छह मई को मंत्रिमंडल विस्तार कर दिया जाएगा।
नीतीश कुमार से मिले सम्राट चौधरी
इधर, दिल्ली जाने से पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जनता दल यूनाईटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से भी मुलाकात की। सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी के साथ सात सर्कुलर रोड वाले बंगले में गए और नीतीश कुमार से मुलाकात की। दोनों नेताओं में करीब 24 मिनट तक बातचीत हुई। सूत्र बता रहे हैं मंत्रिमंडल के स्वरूप को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई। इधर, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज काफी एक्टिव दिखे। सुबह वह उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र यादव के आवास पर गए। 10 मिनट बातचीत के बाद पूर्व मंत्री अशोक चौधरी के आवास पर गए। यहां पर करीब 15 मिनट तक रूके। दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई। इसके बाद वापस सात सर्कुलर रोड वाले बंगले में लौट आए।
विजय सिन्हा और दिलीप जायसवाल का क्या होगा?
15 अप्रैल को नई सरकार बनने के बाद से अब तक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के काम करने के तौर तरीके और बयानों से स्पष्ट हो गया है कि वह एक नई टीम चाहते हैं। सम्राट चौधरी के करीबी इसे 'नई विकास टीम' का नाम दे रहे हैं। नई टीम में कई चेहरों का नाम फाइनल हो चुका है। कुछ पर मंथन चल रहा है। इधर, पूर्व डिप्टी सीएम विजय सिन्हा की कथित नाराजगी और भूमिहार समाज में उठ रहे असंतोष को देखते हुए पार्टी कोई बड़ा और चौंकाने वाला फैसला ले सकती है। हाल की घटनाओं पर नजर डालें तो ऐसा लग रहा है कि सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा के बीच सबकुछ ठीक नहीं है। भूमिहार समाज भी भाजपा पर अपने नेता की अनदेखी करने का आरोप लगा रहे हैं। इसी बीच पूर्व मंत्री और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल को लेकर भी सस्पेंस बना हुआ है। वह भी एमएलसी हैं और उनका कार्यकाल ज्यादा लंबा नहीं बचा है। उनके राजनीतिक कद को देखते हुए यह संभावना जताई जा रही है कि पार्टी उन्हें दोबारा मंत्री बना सकती है और आगे चलकर फिर से विधान परिषद भेजने की रणनीति अपना सकती है।
हर वर्ग को मौका देगी भाजपा
वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण बागी ने कहा कि भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की है। पार्टी सोशल इंजीनियरिंग के तहत सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश में है। संकेत यह मिल रहे हैं कि भाजपा नए चेहरों को मौका दे सकते हैं। विजय सिन्हा, मंगल पांडेय, रामकृपाल यादव, दिलीप जायसवाल जैसे पुराने दिग्गजों को दुबारा मौका मिल सकता है। युवा और महिलाओं पर सम्राट चौधरी का विशेष फोकस रहेगा। आलाकमान चाहते हैं कि सरकार में सोशल इंजीनियरिंग का खास ख्याल रखा जाए। हर वर्ग को मौका मिले ताकि संतुलन बरकरार रहे। सम्राट चौधरी की नई टीम में क्षेत्रीय और समाजिक समीकरण का समावेश दिख सकता है।
कांग्रेस के चार विधायकों पर भाजपा की नजर
एनडीए की ओर से बार बार कहा जा रहा है कि महागठबंधन के कुछ विधायक हमारे संपर्क में भी हैं। चर्चा है कि छह में से कांग्रेस के चार विधायकों पर भाजपा की नजर है। दल-बदल कानून से बचने के लिए चारों की गारंटी मिलने पर ही डील फाइनल होगी। हालांकि, कांग्रेस के एक युवा विधायक को मंत्री पद मिलने का भी आश्वासन भी मिल चुका है। जो विभाग एनडीए सरकार उन्हें देना चाहती है उस पर भी वह मान गए हैं। चर्चा है कि जल्द ही वह अपनी टीम के साथ भाजपा में शामिल हो सकते हैं।