किताब का विमोचन करने पहुंचे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद।
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राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने अरसे बाद मंडल कमीशन से लेकर जातीय संघर्ष, शोषण, जुल्म और उपद्रव के बारे में बात की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में भी कहा कि वह जाति-जाति करते हैं, लेकिन बिना जाति जाने योजना का लाभ तो खैरात देना है। इस बहाने उन्होंने जातीय जनगणना की भी बात की और वर्ग संघर्ष की चर्चा भी। कास्ट प्राइड पुस्तक के विमोचन पर बात की शुरुआत ही उन्होंने जातीय संघर्ष से की। उन्होंने कहा कि बैकवर्ड, एससी, एसटी के खिलाफ सदियों से जुल्म होता रहा है। इन जातियों के खिलाफ दुर्व्यवहार, जुल्म और उपद्रव आज भी है, बस नियंत्रित है।
जातीय जनगणना को नफरत की दृष्टि से देख रही केंद्र सरकार
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जातीय जनगणना हमलोग कराए हैं अभी। इसे नफरत की दृष्टि से मौजूदा केद्र सरकार देख रही है। लालू प्रसाद ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने कोर्ट में जाकर जातीय जनगणना का विरोध किया। बिना जाति और आर्थिक स्थिति को जाने हुए क्या योजना बनाएंगे आप जनता के लिए? बजट का कुछ हिस्सा दे दिया। आप खैरात बांट रहे हैं क्या? यह हमारा अधिकार है। यह बातें लालू प्रसाद ने बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स में कही। वह पुस्तक का विमोचन करने पहुंचे थे।
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