मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार विधान सभा चुनाव से पहले सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की राशि में बढ़ोतरी करने की घोषणा की। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत सभी वृद्धजनों, दिव्यांगजनों और विधवा महिलाओं को अब हर महीने 400 रुपये की जगह 1100 रुपये पेंशन मिलेगी। मुख्यमंत्री के इस घोषणा करते ही नेता प्रतिपक्ष श्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बिहार सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि सरकार तेजस्वी के पीछे चल रही है। इनका अपना कुछ भी नहीं है। नीतीश कुमार ने बिना किसी बजटीय प्रावधान के सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि 400 रू से बढ़ाकर 1100 रू किये जाने की घोषणा की है। दरअसल महागठबंधन की सरकार आ रही है, इसलिए टेंशन मे सरकार ने पेंशन बढ़ा दिया है।
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तेजस्वी यादव ने कहा कि हमने 16 दिसंबर 2024 को ही वादा किया था और हमारा संकल्प लिया था कि हमारी सरकार बनने पर सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि 400 रूपया से बढ़ाकर 1500 रूपया किया जायेगा, जिसमें वृद्धावस्था पेंशन, विधवा और दिव्यांगता पेंशन की राशि 1500 रूपया होगी। तेजस्वी यादव ने कहा कि महागठबंधन की सरकार आ रही है इसलिए टेंशन मे नीतीश जी ने पेंशन राशि बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि हमने पहले ही कहा था कि सामाजिक सुरक्षा की पेंशन राशि 1500 रूपया किये जायेंगे। इतना ही नहीं जैसे-जैसे महँगाई का मामला सामने आयेगा, पेंशन राशि को बढ़ाने का कार्य करेंगे। अब इन्होंने 1100 रुपए ही देने की घोषणा की है। सरकार सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि जुलाई से देने की घोषणा क्यों की है। सरकार को तो अप्रैल 2025 से ही इस योजना को लागू करने की घोषणा करनी चाहिए थीं। लेकिन सरकार के स्तर से ना कोई विजन दिख रहा है और ना कार्य करने की क्षमता। हमने 17 महीनें के कार्यकाल मे 5 लाख नौकरियां दी, और 3.5 लाख प्रक्रियाधीन नौकरी छोड़कर आए थे।
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तेजस्वी यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री बार-बार बिहार आयेंगे और सरकारी खर्चे पर अपनी पार्टी और एनडीए के हित में प्रचार कर राजनीति करेंगे। लेकिन ये नहीं बतायेंगे कि बिहार को उन्होने क्या दिया। जब भी प्रधानमंत्री बिहार आते है, तो लगभग 100 करोड़ रुपए खर्च होते हैं। विगत पांच चुनाव से अबतक 200 से अधिक रैली और जनसभा प्रधानमंत्री की हुई है। इन आयोजनो में 200× 100 = 20 हजार करोड़ रूपया सरकार के द्वारा जनता की गाढ़ी कमाई को अपने पार्टी के प्रचार में खर्च किया गया। भाजपा सबसे अमीर पार्टी है और यह गरीब राज्य के आम लोगो की गाढ़ी कमाई को चूस रही है। हमने जो उनके संबंध मे जो बाते कही थी वह बता नहीं रहें हैं। प्रधानमंत्री जनता की गाढ़ी कमाई खर्च करके जनता के पाॅकेट को मारने का काम कर रहे है तो उन्हे पाॅकेट मार नही तो मददगार कहा जायेगा। तेजस्वी यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री जी अचेत है, थके हुये हैं। इनके पास ना तो विकास का कोई विजन है और ना सोच। हमारे कैम्पेन की नकल करके सरकार घोषणा करती है। हमने सरकार से बिहार मे विकास का विजन क्या है ये जानना चाहा लेकिन कभी भी 20 साल वाले नीतीश कुमार और 11 साल वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हमारे सवाल का जवाब नहीं दिया।