बिहार सरकार के पूर्व कृषि मंत्री सुधाकर सिंह
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अधिकारियों पर थूकने की बात कहकर चर्चा में आए बिहार सरकार के पूर्व कृषि मंत्री सुधाकर सिंह आज भी अपनी बातों पर अडिग रहे। औरंगाबाद में सोमवार को किसान शंखनाद आंदोलन सभा को संबोधित करने के बाद मीडिया द्वारा इस विवादित बयान को लेकर पूछे जाने पर सुधाकर सिंह अपने बयान पर पूरी तरह अटल रहे। उन्होंने कहा कि उस बयान में विवादित क्या है? हमें बताए। आप पढ़े लिखे लोग हैं। इस बयान में विवादित क्या है? क्या राज्य में भ्रष्टाचार नहीं है? क्या अधिकारी पैसे नहीं ले रहे?
विवादित नहीं होने का दिया तर्क
सुधाकर सिंह ने कहा कि मैंने तो बड़े ही गांधीवादी तरीके से कहा था कि विरोध दर्ज करना चाहिए। क्या आपसे अवैध तरीके से धन मांगता तो आप विरोध नहीं करते? आपके पास कैमरा है आप उसे कैमरे में लोड करते। किसान के पास क्या है? न तो उसके पास ताकत है, न तो उसके पास काम है और न ही उसके पास कैमरा है। ऐसी स्थिति में वह अपने तरीके से विरोध करेगा। इसमें विवादित कहां हुआ।
कहां क्या कहा था पूर्व कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने
सुधाकर सिंह ने कैमूर में किसान सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि अगर आप लोग आंदोलन के दौरान अधिकारियों पर लाठी बरसाते हैं और उसका सर फट जाएगा तो आप पर 302 और 307 लग जाएगा, लेकिन 100 लोग मिलकर कलेक्टर के मुंह पर थूक देंगे तो कलेक्टर 100 लोगों पर क्या दफा लगाएगा? फूलों की माला की जगह अधिकारियों को फटे हुए जूते और चप्पलों की माला पहनाइए। अगर कोई अधिकारी बाजार में सब्जी लेने आता है तो उसे अंगूठा दिखाइए। इन सब चीजों से आप लोग के ऊपर किसी भी तरह का कोई धारा नहीं लगेगा। भारतमाला परियोजना के तहत बनारस कोलकाता एक्सप्रेसवे बनाने को लेकर भारत सरकार द्वारा कैमूर के किसानों की जमीन ली जा रही है जिसमें किसानों का आरोप है कि सरकार जमीन का उचित मूल्य नहीं दे रही है जिसे लेकर किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत भी उस कार्यक्रम में कैमूर पहुंचे थे।