Bihar News : जब बेटे की जान पर बन आई तो 2004 में साढ़े चार लाख फिरौती देकर उसे अपहर्ताओं से छुड़ाया। छूटने के बाद थाने में केस किया। आरोपी गिरफ्तार हुए। 11 साल केस चला। अब उम्रकैद की सजा मिली। जंग इसे कहते हैं।
औरंगाबाद में बेटे को छुडाने के लिए फिरौती का पैसा देने के बाद भी एक पिता को 11 साल तक न्यायालय में दौड़ लगाता रहा। अब न्यायालय ने अपहरण के आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई हैं। मामला माली थाना क्षेत्र के अंकोरहा का है। परिजनों का कहना है कि वर्ष 2004 में अंकोरहा निवासी भीखर साहु के बेटे संतोष का बदमाशों ने अपहरण कर लिया था । संतोष को रिहा करने के एवज में 10 लाख रुपये की मांग की गई थी। भिखर साहू बेटे की जान बचाने के लिए 4.5 लाख देने को तैयार हो गए । फिरौती की रकम देने के लिए भीखर साहू ने महाजन से कर्ज लिया और रकम देने के बाद अपहर्ताओं ने उनके बेटे को मुक्त कर दिया। बेटे की रिहाई के बाद पिता ने मामले की प्राथमिकी माली थाना में 12 मई 2004 को दर्ज कराई।
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फिल्म देखने के बहाने किया था अपहरण
प्राथमिकी में कहा गया कि अभियुक्तों ने गांव के कुछ बच्चों को लालच देकर मेरे पुत्र संतोष कुमार को डिहरी सिनेमा देखने के बहाने 07 अप्रैल 2004 को ले गए थे। कहा था कि शाम को लौट आएंगा। लेकिन 08 अप्रैल को भी वह घर नहीं लौटा। तब परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू कर दी। खोजबीन के दौरान गांव के कुछ लोगों ने बताया कि कुछ दिन में लौट आएगा। एक सप्ताह बाद फोन पर अभियुक्तों ने खबर दी कि आपके पुत्र का अपहरण हो गया है। दस लाख रुपए सासाराम स्टेशन पर मेरे लोगों को पहुंचा दे, तब इसें छोड़ेंगे। सूचक ने असमर्थता जताते हुए काफी मान-मनौव्वल किया तब जाकर बात 4.5 लाख में तय हुई। फिरौती की रकम देने के बाद अभियुक्तों ने सूचक के पुत्र को रिहा किया।
एक को उम्र कैद तो दूसरे को रिहाई
इसी मामले में 19 साल बाद औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-7 सुनील कुमार सिंह की अदालत ने बुधवार को सुनवाई करते हुए दो अभियुक्तों में से एक रोहतास के जमुहार निवासी कपिल गिरि को भादंवि धारा 364 ए में दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। वहीँ दूसरे अभियुक्त सासाराम के दुर्गापुर निवासी अवधेश पासवान को भादंवि धारा 364 ए में रिहा कर दिया।
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5 जून को दिया था दोषी करार
एपीपी सूर्यमल शर्मा ने बताया कि 19 साल पुराने माली थाना कांड संख्या 36/04 में कोर्ट ने एकमात्र अभियुक्त रोहतास जिले के जमुहार निवासी कपिल गिरि को 05 जून को दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया था। वही न्यायालय ने आज सज़ा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए कपिल गिरि को भादंवि धारा 364 मे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 20 हजार का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना नही देने पर कोर्ट ने एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया है।