चिराग पासवान अपने परिवार के साथ।
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विरासत की राजनीति संपत्ति पर आई
दिवंगत पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की पहुंच राष्ट्रीय राजनीति में रही है। वे कई बार केंद्रीय मंत्री रहे हैं। उनकी मृत्यु के बाद केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और उनके चाचा पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस के बीच राजनीतिक विरासत को लेकर विवाद छिड़ा था। इस मामले में पार्टी हथियाने और धोखा देने के आरोप तक लगाये गये थे। अब यह मामला संपति विवाद में तब्दील हो गया है।
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आरोप प्रत्यारोप हुआ शुरू
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और उनके परिवार के बीच संपति विवाद का मामला तुल पकड़ चुका है। दोनों तरफ से आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं। पशुपति कुमार पारस की ओर से प्रदेश प्रवक्ता श्रवण अग्रवाल ने ऐसे किसी भी आरोप को बेबुनियाद कहा है। उन्होंने चिराग पासवान पर कटाक्ष करते हुए इसे ओछी राजनीति बताया है। इधर लोजपा रामविलास के प्रदेश प्रधान महासचिव संजय पासवान ने कहा कि पशुपति पारस रामविलास पासवान को भगवान कहते हैं, जिन्होंने उनके मरने के बाद मां सामान भाभी को घर से निकाल दिया।