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Rahul Gandhi : जिनकी जयंती पर आए थे राहुल गांधी, उनका ही नाम भूले; जगलाल चौधरी के बेटे से भी नहीं मिले

Wed, 05 Feb 2025 04:24 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar News : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का बिहार दौरा सुर्खियों में है। वह जिनकी जयंती के कार्यक्रम में शामिल होने आए, मंच से उनका नाम गलत बोल दिया। बात यहीं नहीं रुकी। उनके बेटे ने राहुल गांधी से मिलना चाहा तो सुरक्षाकर्मियों ने रोक दिया।
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स्वतंत्रता सेनानी जगलाल चौधरी को नमन करते राहुल गांधी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कांग्रेस के नंबर वन नेता और लोकसभा में विपक्ष के चेहरे राहुल गांधी ने पटना पहुंचकर दलितों से हो रहे भेदभाव पर खूब बोला, लेकिन उसके साथ ही उनके दूसरे वीडियो भी वायरल हो गए हैं। राहुल गांधी ने स्वतंत्रता सेनानी जगलाल चौधरी की जयंती पर पहले तो उनका नाम जगत चौधरी कह दिया, फिर टोके जाने पर उसे सुधारा इसे भारतीय जनता पार्टी ने मुद्दा बनाना शुरू किया ही था कि दूसरा मसाला मिल गया। जगलाल चौधरी की जयंती पर उनके बेटे ने राहुल गांधी से मिलने का प्रयास किया तो मिलने नहीं दिया गया। इसपर भाजपा ने उन्हें दलित विरोधी सामंती चेहरा बताया। 

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बिहार भाजपा के प्रवक्ता नीरज कुमार ने पूछा राहुल गांधी जी आप जगलाल चौधरी जी के कार्यक्रम में आए थे ,आपको यह बताना चाहिए कि आप उनका अपमान करने आए थे या सम्मानित करने आए थे? आपने किस तरह उनके पुत्र को अपमानित किया इसका जवाब आपको देना होगा। नीरज कुमार ने यह भी कहा कि राहुल गांधी जिनकी जयंती में आए उनका ही नाम भूल गए। अपने संबोधन में एक नहीं दो बार उन्होंने जगलाल चौधरी को जगत लाल कहा। दूसरी बार जब लोगों ने टोका तब जाकर गलती सुधारी।

जानिए, राहुल गांधी ने क्या-क्या
स्वतंत्रता सेनानी और दलित समाज से आने वाले जगलाल चौधरी की जयंती समारोह में सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मैं एक ऐसा दिन देखना चाहता हूं, जब हिंदुस्तान में संस्थाओं की लीडरशिप में दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के लोग दिखें। मैं वो दिन देखना चाहता हूं, जब देश की टॉप 10 कंपनियों का मालिक दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग से हो। मैं इस लक्ष्य को पाने के लिए लड़ रहा हूं और लड़ता रहूंगा। उन्होंने कहा कि मैंने सदन में जातिगत जनगणना की बात की, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसका जवाब दिया। अपने पूरे भाषण में नरेंद्र मोदी ने जातिगत जनगणना का नाम तक नहीं लिया, क्योंकि वे देश की सच्चाई आपको नहीं बताना चाहते।  इसलिए मैंने ठान लिया है- देश के दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों को देश में उनकी भागीदारी बताकर रहूंगा। इसके बाद देश में एक नई तरह की राजनीति और विकास शुरू होगा।

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