राजस्व सेवा के अधिकारियों ने कहा कि हमलोगों की मांगों पर नीतीश सरकार ने ध्यान नहीं दिया। सरकार मनमानी कर अपना निर्णय सुना रही है। अधिकारियों से साथ गलत व्यवहार किया जाता है। इसलिए दो मार्च से हमलोगों ने पेन डाउन कर दिया। नौ मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। अब सरकार जब तक हमारी मांग पूरी नहीं करेगी यह हड़ताल जारी रहेगा।
बिहार में राजस्व सेवा के अधिकारियों का हड़ताल जारी है। रविवार दोपहर सभी अंचल के अधिकारियों और सभी राजस्व अधिकारियों ने नीतीश सरकार के खिलाफ पटना में हल्ला बोल किया। पटना के अधिवेशन भवन में राजस्व अधिकारियों का जुटान हुआ। इसमें राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय सिन्हा के फैसलों का विरोध जताया गया। बिरसा और बिरसा यूनाईटेड के संयुक्त मोर्चा के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे अधिकारियों ने कहा कि राजस्व विभाग एवं बिहार सरकार के मनमाने रवैय्या के खिलाफ राजस्व सेवा के अधिकारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं।
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अधिकारियों ने कहा कि बिहार में राजपत्रित अधिकारियों का य़ह अपने तरह का अनूठा हड़ताल है, जिसमें सरकार का एक कैडर दूसरे कैडर की दबंगई और मनमानी के खिलाफ सड़क पर उतरा है। इस सिलसिले में पटना के पुराना सचिवालय स्थित अधिवेशन भवन राजस्व अधिकारियों का महाजुटान हुआ। प्रदर्शन कर रहे अधिकारियों ने कहा कि सरकार मनमानी कर रही है। सरकार हमारे अधिकारों, सेवा संरचना के साथ खिलवाड़ कर रही है।
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बिरसा यूनाईटेड के अध्यक्ष ने क्या कहा?
बिरसा यूनाईटेड के अध्यक्ष आदित्य शिवम शंकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा बनाई गई बिहार राजस्व सेवा नियमावली पिछले 16 साल से लागू नहीं की। हमलोग अदालत गए। वहां हमलोग के हित में फैसला सुनाया गया। हमलोग पिछले तीन साल से लेवल 11 में पड़े हुए हैं। राजस्व विभाग में बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को बहाल किया जा रहा है। एक साल या दो साल अनुभवी अधिकारियों को अंचलाधिकारी व राजस्व अधिकारी बनाया जा रहा है। उन्हें राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के काम काज का अनुभव ही नहीं है। लेकिन, फिर से उनसे काम लिया जा रहा है। आदित्य शिवम शंकर ने कहा कि हमलोग राजस्व प्रशासन की दक्षता, सेवा सरंचना की तार्किक निरंतरता और संवर्गीय अधिकरियों की रक्षा के उद्देश्य हड़ताल पर हैं।