रैली में खाली कुर्सियों को देखकर जनसुराज के विरोधी सवाल उठा रहे।
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मौसम खराब होने के कारण नहीं आ पाए लोग
इधर, पीके के संबोधन से पहले जनसुराज के दावा किया था कि यह रैली ऐतिहासिक होगी और बिहार की राजनीति में बदलाव लाएगी। दावा यह भी किया गया था कि इस रैली में 10 लाख से अधिक लोग आएंगे। लेकिन, शाम चार बजे तक 50 हजार लोगों की भीड़ भी नहीं जुट पाई थी। कुर्सियां खाली नजर आईं और ड्रोन से वीडियो बनाकर भी प्रशांत-विरोधियों ने हमला बोला। भीड़ कम होने के सवाल पर जनसुराज के कार्यकर्ताओं ने कहा कि गुरुवार को मौसम खराब होने के कारण हजारों लोग नहीं आ पाए। लोग धूप होने के कारण गांधी मैदान में ही पेड़ों के नीचे बैठे रहे। आम लोगों और स्कूली बच्चों को परेशानी न हो, इस कारण हमलोगों ने दो बजे से कार्यक्रम करने का फैसला लिया। अब बिहार की जनता ने बता दिया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में जनसुराज बड़ा बदलाव लाएगी।
जनसुराज के कार्यकम में आए लोग।
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खाली कुर्सियों के सवाल पर जनसुराज ने यह कहा
इससे पहले जनसुराज की रैली में खाली कुर्सियों के सवाल पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का कहना था कि बिहार के हर जिले से लाखों लोग आए हैं। हजारों लोग अभी भी आ रहे हैं। जनसुराज की ओर से एक वीडियो भी शेयर किया गया। इस वीडियो के जरिए बताया गया है कि हजारों लोग बायपास और गांधी सेतु पर जाम में फंसे हुए हैं। लोग अभी आ ही रहे हैं। यह ऐतिहासिक रैली हो गई है।
चुनावी साल में प्रशांत किशोर की पहली रैली
शुक्रवार को बिहार के चुनावी साल में प्रशांत किशोर की पहली रैली थी, जिसका नाम 'बिहार बदलाव रैली' दिया गया। यानी, बिहार चुनाव में बदलाव होना है या नहीं। अब यही पोस्टर पीके के लिए मुसीबत बन सकता है, क्योंकि प्रशांत किशोर का विरोध करने वाले उसी के बहाने इनकी भीड़ के दावे का मजाक उड़ा रहे हैं। राजद ने तो तेजस्वी यादव की सामान्य सभा बनाम प्रशांत किशोर की रैली का बाकायदा एक वीडियो भी जारी कर दिया।
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