बिहार के जाने माने उद्योगपति गोपाल खेमका का आज गुलबी घाट पर अंतिम संस्कार हो गया। उनके छोटे बेटे ने गौरव खेमका ने उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम विदाई के वक्त घाट पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। यहां मौजूद सभी की आंखें नम थीं। इससे पहले उनकी बेटी उनसे लिपटकर फफक पड़ीं। वह स्कॉटलैंड से आज दोपहर पहुंचीं। उनके आने के बाद ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हुई। इधर, राम गुलाम चौक स्थित उनके आवास पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बिहार के बड़े -बड़े व्यवसायी उनके अंतिम दर्शन के लिए आ रहे हैं। कई राजनेता भी पहुंच रहे हैं। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अंतिम दर्शन के लिए पहुंचें।
एसटीएफ टीम लगातार छापेमारी कर रही
वहीं गोपाल खेमका मर्डर केस में पटना पुलिस को कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में भी लिया है। सूत्र बता रहे हैं कि सुपारी देकर हत्या करवाई गई है। इसकी लिए प्रोफेशनल शूटर हायर किए गए थे। पटना आईजी जितेंद्र राणा ने कहा कि एसटीएफ टीम लगातार छापेमारी कर रही है। वहीं बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने की है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान के आधार पर पुलिस को गोपाल खेमका हत्याकांड में कुछ साक्ष्य हाथ लगे हैं। पुलिस टीम एक-एक बिंदू पर गहराई से जांच कर रही है। बेऊर जेल में भी काफी देर तक छापेमारी चली। कुछ संदिग्धों से पूछताछ जारी है।
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गोपाल खेमका के छोटे बेटे को सुरक्षा
इधर, गोपाल खेमका की हत्या के बाद उनके परिवार वालों ने बिहार पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाया था। परिजनों का कहना था कि घर में दो-दो सदस्यों की हत्या के बाद पूरा परिवार दशहत के माहौल में जी रहा है। इस सब चीजों को देखते हुए नीतीश सरकार ने गोपाल खेमका के छोटे बेटे को सुरक्षा मुहैया करवाई है। दो पुलिसकर्मी चौबीसों घंटे उनकी सुरक्षा में तैनात रहेंगे। बता दें कि गोपाल खेमका को बिहार पुलिस की ओर से सुरक्षा दी गई थी लेकिन, अप्रैल 2024 में इसे वापस कर लिया गया था। इस बात को लेकर भी अब लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर गोपाल खेमका की सुरक्षा वापस नहीं ली जाती तो आज ऐसे हालत उत्पन्न नहीं होते।