प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज भागलपुर पहुंचे, जहां उन्होंने विक्रमशिला केंद्रीय विश्वविद्यालय के निर्माण में तेजी लाने की घोषणा की। यह घोषणा होते ही कहलगांव के लोग, जनप्रतिनिधि और अंतीचक के ग्रामीण एवं किसान उत्साहित हैं। उन्होंने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह बहुप्रतीक्षित सपना अब साकार होने की ओर अग्रसर है। सभी की इच्छा है कि केंद्रीय विश्वविद्यालय का निर्माण जल्द पूरा हो, जिससे इस क्षेत्र का चहुंमुखी विकास संभव हो सकेगा और विक्रमशिला का प्राचीन गौरव पुनर्स्थापित हो पाएगा।
जमीन को लेकर नहीं है कोई विवाद
अंतीचक की मुखिया ललिता देवी ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को विश्वविद्यालय निर्माण में तेजी लाने के निर्देश देना एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि अंतीचक के किसान अपनी जमीन देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। इसको लेकर किसी भी तरह के विवाद की स्थिति नहीं है। हालांकि, सरकार से किसानों की कुछ जायज मांगें हैं, जिन्हें पूरा किया जाना चाहिए।
जिला प्रशासन को सक्रिय भूमिका निभानी होगी
विक्रमशिला नागरिक समिति ने किया स्वागत विक्रमशिला नागरिक समिति के संयोजक डॉ. एन. के. जायसवाल ने भी प्रधानमंत्री की घोषणा का तहे दिल से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अब जिला प्रशासन को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। स्थानीय लोग भूमि देने के लिए तत्पर हैं, हालांकि किसानों की मांगें भी जायज हैं। उन्होंने अपील की कि किसान उदारता दिखाएं ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सके।
चयनित भूमि का सर्वे कार्य पूरा, डीएम को सौंपी गई रिपोर्ट
अंतीचक में प्रस्तावित विक्रमशिला केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए चयनित भूमि स्थल का सर्वेक्षण पटना स्थित ए.एन. सिन्हा संस्थान को सौंपा गया था। इस संस्थान की दो सदस्यीय टीम ने आर्थिक एवं सामाजिक अंकेक्षण का सर्वेक्षण पूरा कर भागलपुर के जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट के आकलन के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। किसानों और स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के पूरा होने से शिक्षा और विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी। स्थानीय लोगों को रोजगार सृजन उपलब्ध होगा।