Bihar News : बिहार भाजपा अचानक भूल गई कि राज्य में उसकी सरकार है। पेट्रो कीमतों पर विपक्ष को जवाब देने के क्रम में पार्टी जिस पोस्टर को शेयर कर रही है, उसमें वह भाजपा शासित राज्यों की सूची में दर को दिखाते हुए बिहार का नाम नहीं ले रही। पार्टी ने बैठे-बिठाये विपक्ष को फिर एक मुद्दा दे दिया है।
बिहार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर सियासत तेज हो गई है। एक ओर भारतीय जनता पार्टी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भाजपा शासित राज्यों और विपक्ष शासित राज्यों में पेट्रोल की कीमतों की तुलना करते हुए दावा किया कि भाजपा शासित राज्यों में आम जनता को राहत देने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। हालांकि भाजपा ने भाजपा शासित राज्यों में बिहार में पेट्रोल की कीमतों का जिक्र ही नहीं किया। विपक्ष अब इस मामले पर भाजपा को तंज कर रहा है। राजद ने कहा कि भाजपा को बिहार के पेट्रो उत्पादों का जिक्र करने में शर्म आती है। पटना में 113 रुपये लीटर पेट्रोल मिल रहा है। पड़ोसी राज्यों में पेट्रो उत्पादों की कीमत इतनी नहीं है। लेकिन, बिहार की NDA सरकार को इसकी चिंता नहीं है।
विज्ञापन
भाजपा ने किन-किन राज्यों का जिक्र किया?
भाजपा बिहार के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से जारी पोस्ट में लिखा गया कि महंगाई पर राजनीति नहीं, समाधान और संवेदनशीलता जरूरी है। भाजपा ने दावा किया कि विपक्ष शासित राज्यों की तुलना में भाजपा शासित राज्यों में पेट्रोल सस्ता है। पोस्ट में तेलंगाना, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे राज्यों में पेट्रोल की कीमत 108 से 117 रुपये प्रति लीटर तक बताई गई है, जबकि उत्तर प्रदेश, दिल्ली, गुजरात और हरियाणा जैसे भाजपा शासित राज्यों में पेट्रोल की कीमत 101 से 103 रुपये प्रति लीटर के बीच दिखाई गई है। पोस्ट के जरिए भाजपा ने विपक्ष पर महंगाई को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा सरकारें जनहित को प्राथमिकता देते हुए आम लोगों को राहत देने का प्रयास कर रही हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने क्या आरोप लगाया?
इधर, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने फिर से सीएनजी, पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते 12 दिनों में तेल की कीमतों में करीब आठ रुपये की बढ़ोतरी हुई है और आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ सकती है। तेजस्वी यादव ने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम थीं, तब भी आम जनता को राहत नहीं मिली और निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया। उन्होंने दावा किया कि 2014 की तुलना में कच्चे तेल के दाम कम होने के बावजूद पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगभग दोगुनी हो चुकी हैं। तेजस्वी ने कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर रोजगार, छोटे उद्योग, कृषि और आम लोगों की जिंदगी पर पड़ेगा।