नालंदा में मछली खाने के वालों के काम की खबर है। अब उन्हें ताजा मछली खरीदने के लिए बाजार या मछली मंडी जाने की जरूरत नहीं होगी। नालंदा जिले में कतरीसराय में जल्द ही मोबाइल फिश कियोस्क शुरू होने जा रहा है, जो घर-घर जाकर ताजी और पकाई हुई मछलियां पहुंचाएगा। जिलाधिकारी शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय कमेटी (डीएलसी) की बैठक में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत आए 220 आवेदनों पर मुहर लगी। इनमें से मोबाइल फिश कियोस्क के लिए आए एकमात्र आवेदन को भी मंजूरी दी गई। कतरीसराय के रहने वाले राहुल कुमार ने मोबाइल कियोस्क खोलने की इच्छा जताई है।
घर-घर जाकर ताजी मछलियां बेच सकेंगे
मोबाइल फिश कियोस्क में डीप फ्रीजर होगा, जिसमें ताजा मछलियां रखी जाएंगी। ग्राहक के ऑर्डर के अनुसार, कियोस्क पर तैनात कर्मचारी तुरंत गरमागरम मछली परोसेंगे। इस तरह, ग्राहक को घर बैठे ही ताजी और पकाई हुई मछली मिल सकेगी। इस योजना के तहत छह लोगों को आईस बॉक्स लगी बाइक मुहैया कराई जाएगी। मछलीपालक इन बाइकों के माध्यम से घर-घर जाकर ताजी मछलियां बेच सकेंगे। इससे उन्हें अच्छी कमाई होगी।
मछली उत्पादन के लिए सात लोगों को अनुदान मिलेगा
विभाग की मानें तो बॉयोफ्लॉक विधि से मछलीपालन करने के लिए छह आवेदकों को मौका दिया जाएगा। साथ ही बायोफ्लॉक तालाब निर्माण और मछली उत्पादन के लिए सात लोगों को अनुदान मिलेगा। जिला मत्स्य पदाधिकारी शंभु प्रसाद ने बताया कि मछलीपालन को बढ़ावा देने के लिए कई तरह की योजनाएं चलाई जा रही हैं। मोबाइल फिश कियोस्क से मछली प्रेमियों को काफी सुविधा होगी। अब उन्हें मछली खरीदने के लिए बाजार जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
डीएलसी बैठक में मोबाइल कियोस्क के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय प्रावधान
- इकाई लागत- 10 लाख रुपये
- नुसूचित जाति और महिलाओं के लिए अनुदान- 6 लाख रुपये
- अन्य वर्गों के लिए अनुदान- 4 लाख रुपये
- मत्स्य संपदा योजना के तहत कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए
- 6 मछली पालकों को बाइक और आईस बॉक्स की सुविधा
- 6 आवेदकों को बायोफ्लॉक मछलीपालन का अवसर
- 38 आवेदकों को तालाब निर्माण के लिए मंजूरी