Bihar : पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने मछुआरा आयोग के गठन को लेकर अधिसूचना जारी की है, जिसमें पटना,भागलपुर,समस्तीपुर, पूर्वी चंपारण और बक्सर के लोगों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गयी है।
कुछ महीनों के बाद बिहार विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन उससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सवर्ण और अनुसूचित जाति के साथ साथ मछुआरा जाति को भी साधने की कवायद कर रहे हैं। इसीलिए बिहार सरकार ने सवर्ण आयोग और SC आयोग के बाद मछुआरा आयोग का गठन किया है। पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने मछुआरा आयोग के गठन को लेकर अधिसूचना जारी की है, जिसमें पटना,भागलपुर,समस्तीपुर, पूर्वी चंपारण और बक्सर के लोगों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गयी है।
पूर्वी चंपारण के रहने वाले ललन कुमार को मछुआरा आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि बक्सर के रहने वाले अजीत चौधरी को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं पटना के सैदपुर पहली गली में रहने वाले राजकुमार, भागलपुर की रेणु सिंह और समस्तीपुर में रहने वाले विद्या सागर को मछुआरा आयोग का सदस्य बनाया गया है।सरकार का मानना है कि मछुआरों के कल्याण, संरक्षण, विकास, आर्थिक अभिवृद्धि एवं उनके रक्षोपायों से संबंधित सभी मामलों का अन्वेषण और अनुश्रवण कर राज्य सरकार को अपनी अनुशंसा करने के लिए राज्य मछुआरा आयोग का गठन किया गया है।
पटना निवासी देवेंद्र कुमार को राज्य अनुसूचित जाति आयोग का उपाध्यक्ष बनाया गया है। पटना के रहने वाले रूबल रविदास, नालंदा के रहुई निवासी संजय कुमार और औरंगाबाद के रहने वाले ललन राम को राज्य अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य बनाये गये हैं। मनोज कुमार कटिहार निवासी मनोज कुमार को महादलित आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। वैशाली के गोरौल निवासी राम नरेश कुमार, भोजपुर के अजीमाबाद निवासी राम ईश्वर रजक, पटना निवासी अजीत कुमार चौधरी और मुंगेर के हवेली खड़गपुर निवासी मुकेश मांझी को महादलित आयोग का सदस्य बनाया गया है।