आरोपित के परिजनों को भीड़ ने जमकर पीटा
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शहर में दोहरे हत्याकांड वाले वरीय अधिवक्ता पिता और पुत्र की हत्या मामले में आज दो व्यक्ति मॉब लिंचिंग का शिकार हो जाते, लेकिन सारण पुलिस के कप्तान की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से दोनों व्यक्तियों की जान बच गई है। जिला मुख्यालय स्थित मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मेथवलिया गांव निवासी अधिवक्ता राम अयोध्या प्रसाद यादव और उनके पुत्र सुनील कुमार राय की हत्या से जुड़ा हुआ है।
मालूम हो कि विगत 12 जून 2014 को शहर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत दुदहीया पुल के नजदीक घर से व्यवहार न्यायालय के 70 वर्षीय वरीय अधिवक्ता राम अयोध्या प्रसाद यादव तथा उनके 26 वर्षीय अधिवक्ता पुत्र सुनील यादव की बाइक सवार अपराधियों ने गोली मारकर दोनों की हत्या कर दी गई थी। अपराधियों ने इस घटना को उस समय अंजाम दिया था, जब एक ही मोटर साइकिल पर सवार होकर सुबह में अपने घर से कोर्ट आ रहे थे। हालांकि इस मामले में परिजनों के बयान पर पड़ोसी विजय राय सहित कई अन्य को नामजद अभियुक्त बनाते हुए हत्या का कारण भूमि विवाद बताया गया था। उस मामले में त्वररित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनो नामजद अभियुक्त काली राय और जगदीप राय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया थ, लेकिन अभी भी एक अन्य नामजद अभियुक्त विजय राय दोहरे हत्याकांड के मामले में फरार चल रहे हैं।
बता दें कि मेथवलिया गांव निवासी सह छपरा व्यवहार न्यायालय के वरीय अधिवक्ता राम अयोध्या प्रसाद यादव एवं उनके पुत्र सुनील कुमार यादव के हत्या मामले में नामजद अभियुक्त विजय राय की पत्नी को सूचना मिली कि उसके घर में चोरी हो गई है। जिसके बाद वह अपने भाई नगर थाना क्षेत्र के पुलिस लाइन निवासी अशोक राय एवं छोटा तेलपा निवासी इरफान खान के साथ एक ही मोटर साइकिल पर सवार होकर अपने घर मेथवलिया पहुंची थी। इन लोगों के घर पहुंचते ही उनके पड़ोसी और स्थानीय ग्रामीण आक्रोशित हो गए और इन तीनों को बंधक बना लिया। जिसके बाद अशोक राय और इरफान दोनों को रस्सी से बांधकर बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी गई। दोनों मॉब लिंचिंग के शिकार हो जाते, लेकिन इन लोगों के लिए सारण के पुलिस अधीक्षक डॉ कुमार आशीष ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपनी टीम को भगवान के रूप में मौका ए वारदात पर पहुंच गई।
पुलिस अधीक्षक डॉ कुमार आशीष ने सूचना मिलने के साथ ही डीएसपी राज किशोर सिंह और मुफ्फसिल थाने के पुलिस निरीक्षक सह थानाध्यक्ष विशाल आनंद को आवश्यक दिशा- निर्देश देते हुए कहा कि पूरी टीम के साथ मौके पर पहुंच कर किसी तरह मामले की जांच किया जाए। ताकि निर्दोष को बचाया जा सकें। हालांकि दलबल के साथ डीएसपी पहुंचे और किसी तरह दोनों को भीड़ से बचाकर बड़ी अनहोनी से बचाया। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही भीड़ के हाथों दोनों चढ़ चुके थे। जिस कारण हल्की चोटें आई हुई थी। पुलिस अपने कब्जे में लेकर इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार किया गया। हालांकि उपचार के दौरान जख्मी इरफान ने बताया कि उसे मेथवलिया की घटना की कोई जानकारी नहीं थी। वह अपने मोहल्ले के रहने वाले अशोक राय एवं उनकी बहन को बाइक से छोड़ने के लिए मेथवलिया गया था, जहां उन दोनों के बाइक से उतरते ही लगभग 40 की संख्या में ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और रस्सी से बांधकर लाठी डंडे से पिटाई शुरू कर दी।
इस संबंध में सारण के पुलिस अधीक्षक डॉ कुमार आशीष ने बताया कि अधिवक्ता पिता और पुत्र की हत्यारोपी अभियुक्त विजय राय की पत्नी और साला दोनों घर में चोरी की सूचना के बाद अपने घर मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मेथवलिया गांव पहुंचे थे, जहां भीड़ के द्वारा अशोक राय और इरफान दोनों की जमकर पिटाई शुरू कर दी गई, लेकिन सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई करते हुए किसी तरह से उक्त लोगों को भीड़ से बचाकर सदर अस्पताल लाया गया, जहां इलाज किया जा रहा है। हालांकि फिलहाल चोरी की घटना के संबंध में पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।