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Bihar: मंगल पांडेय ने पूछा- तेजस्वी बताएं किसके राज में BPSC के दो-दो चेयरमैन को जाना पड़ा था जेल?

Tue, 24 Dec 2024 03:46 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि पेपर लीक के बहाने बिहार के युवाओं को गुमराह करने की कोशिश करने वाले तेजस्वी यादव को एक बार अपने माता-पिता के कार्यकाल को याद कर लेना चाहिए। लालू राज में भ्रष्टाचारी को संरक्षण मिलता था। नीतीश राज में कार्रवाई होती है।
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मंगल पांडेय और तेजस्वी यादव। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार सरकार में स्वास्थ्य और कृषि मंत्री मंगल पांडेय ने एक बार फिर से लालू परिवार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि बीपीएससी परीक्षा को मुद्दा बना कर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अपने माता-पिता के कलंक को धोना चाहते है। उन्हें बताना चाहिए कि क्या यह सच नहीं है कि मुख्यमंत्री रहते जनवरी 1997 में लालू प्रसाद ने जिस डा. लक्ष्मी राय को बिहार लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष बनाया था, जिन्हें पद पर रहते हुए भ्रष्टाचार के आरोप में जेल जाना पड़ा था?

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पद पर रहते सीबीआई ने गिरफ्तार किया था
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि डॉ.लक्ष्मी राय 1996 में हुए इंजीनियरिंग एडमिशन घोटाला के आरोपी थे। डॉ.राय के खिलाफ घोटाले के आरोपों की सीबीआई जांच चल रही थी, फिर भी लालू प्रसाद ने उन्हें बीपीएससी का चेयरमैन बना दिया। संगीन आरोपों व सबूतों के आधार पर 2000 ई. में सीबीआई ने इन्हें पद पर रहते गिरफ्तार किया था। बीपीएससी को भ्रष्टाचार का अड्डा बनाने वाले राम सिंहासन सिंह को चौयरमैन किसके कार्यकाल में (जुलाई 2004) में बनाया गया था? मोटी राशि वसूल कर प्रशासनिक पदाधिकारियों के पदों को किसके राज में बेचा गया था?

लालू राज में भ्रष्टाचारी को संरक्षण मिलता था
मंत्र  ने कहा है कि बीपीएससी अभ्यर्थियों को लेकर घड़ियाली आंसू बहाने वाले तेजस्वी बताएं कि बीपीएससी के चौयरमैन रामसिंहासन सिंह सहित वहां के आठ कर्मियों को 2005 में एनडीए की सरकार बनने के बाद क्यों गिरफ्तार किया गया? पेपर लीक के बहाने बिहार के युवाओं को गुमराह करने की कोशिश करने वाले तेजस्वी यादव को एक बार अपने माता-पिता के कार्यकाल को याद कर लेना चाहिए। लालू राज में भ्रष्टाचारी को संरक्षण मिलता था। नीतीश राज में कार्रवाई होती है।

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