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Bihar Crime: दिनदहाड़े पत्रकार की हत्या, अपराधियों ने घर से बाहर बुलाकर मारी गोली; सरपंच मर्डर केस के गवाह थे

Fri, 18 Aug 2023 10:21 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अररिया

सार

Journalist Shot Dead in Bihar : परिजनों का कहना है कि अप्रैल 2019 में विमल यादव के छोटे भाई गब्बू यादव की हत्या कर दी गई थी। उस वक्त गब्बू यादव बेलसरा पंचायत के सरपंच थे। विमल अपने भाई की हत्याकांड के मुख्य गवाह थे।
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पत्रकार विमल यादव की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अररिया के रानीगंज में दिनदहाड़े दैनिक अखबार के पत्रकार विमल यादव (36) की हत्या कर दी गई। अपराधियों ने घर के दरवाजे पर चढ़कर मेन गेट खुलवाया। जैसे ही पत्रकार गेट पर आए वैसे ही सीने में गोली दाग दी। हत्या के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों की भीड़ लग गई। इधर, सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। 
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सुपौल जेल में बंद रूपेश ने ही हत्या की साजिश रची
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान  इधर, सदर अस्पताल में पत्रकार, स्थानीय लोग और परिजनों की भीड़ लगी हुई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। परिजनों का कहना है कि सुपौल जेल में बंद रूपेश ने ही हत्या की साजिश रची थी। उसने जेल से ही हत्या की सुपारी दी थी। 
 

घटना के बाद रोते-बिलखते परिजन। - फोटो : अमर उजाला
भाई की हत्या में मुख्य गवाह थे विमल
परिजनों का कहना है कि 4 साल पहले यानी अप्रैल 2019 में विमल यादव के छोटे भाई गब्बू यादव की हत्या कर दी गई थी। उस वक्त गब्बू यादव बेलसरा पंचायत के सरपंच थे। विमल अपने भाई की हत्याकांड के मुख्य गवाह थे। केस का स्पीडी ट्रायल चल रहा था। विमल की मुख्य गवाही होनी थी। अचानक उनकी हत्या कर दी गई। परिजनों का कहना है कि जिसने गब्बू यादव की हत्या करवाई, उसने ही विमल की हत्या की सुपारी दी है। गवाही के बाद आरोपी को डर था कि उसे उम्रकैद की सजा न हो जाए इसलिए बचने के लिए उसने ऐसा किया। 
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जांच करने पहुंचे वरीय पुलिस अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
हमेशा हत्या का डर सताता रहता था विमल को
परिजनों का आरोप है कि विमल यादव ने खुद की सुरक्षा को बंदूक के लाइसेंस के लिए भी अप्लाई किया था। कई बार आवेदन देने पर भी बंदूक का लाइसेंस नहीं मिल पाया। परिजनों ने प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाया। एक सप्ताह पहले भी विमल ने अपने दोस्तों से कहा था उनकी जान को खतरा है। कुछ अपराधी लगातार उनका पीछा किया जाता है। डर लगता है कहीं अपराधी उसे भी न मार दें। भाई की मौत के बाद विमल ही अपने माता पिता का सहारा थे। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकरा बुरा हाल है। मामले में अररिया एसपी का कहना है कि वारदात को दो अपराधियों ने वारदात को अंजाम दिया है। दोनों को चिह्नित कर लिया गया है। दोनों की तलाश में छापेमारी चल रही है। जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 
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