पूर्व आईपीएस अधिकारी किशोर कुणाल ने 29 दिसंबर की सुबह अंतिम सांस ली। उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था। आननफानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। 74 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन के बाद उन्हें अब पद्मश्री देने की घोषणा हुई है। हालांकि आचार्य किशोर कुणाल को मरणोपरांत बिहार सरकार ने उन्हें देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित करने की सिफारिश की थी। यह फैसला कैबिनेट सचिवालय विभाग की ओर से जारी किये गये बयान के अनुसार सर्वसम्मति से लिया गया था। इसके बाद मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग की तरफ से गृह मंत्रालय को पत्र लिखा गया था। सरकार के अपर सचिव सुमन कुमार ने गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव गोपालस्वामी पार्थसारथी को पत्र लिखा था, जिसमें यह मांग की गई थी कि पूर्व आईपीएस अधिकारी आचार्य किशोर कुणाल को पद्म विभूषण पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया जाय। इस बात को लेकर उस समय काफी बयानबाजी भी हुई थी।