Bihar : बीमार फौजी पिता का इलाज कराकर वापस पठानकोट लौटे थे, अब तिरंगे से लिपटा पार्थिव शरीर वापस घर लौटा है। वंदे मातरम्, भारत माता की जय और रवितोष अमर रहे नारों से माहौल गूंज उठा। सेना के साथी जवानों ने रवितोष को गार्ड ऑफ ऑनर से अंतिम विदाई दी।
हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच जंग छिड़ी हुई है वहीं दूसरी तरफ पठानकोट बॉर्डर पर तैनात भारतीय सेना के एक जवान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। जवान की मौत होने की आधिकारिक पुष्टि तो कर दी गई है, लेकिन किस कारणों से जवान की मौत हुई है इसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों के पास नहीं है। शहीद जवान बिहार के सारण जिलान्तर्गत दरियापुर थाना क्षेत्र के बनवारीपुर गांव निवासी अवकाश प्राप्त सेना के जवान जयनाथ राय के पुत्र रवितोष कुमार (32) थे। गांव के लाल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने की सूचना से परिजन सहित आसपास में कोहराम मच गया। शहीद जवान विगत 2011 में ही देश सेवा के लिए सेना (आर्मी) में भर्ती हुए थे। रवितोश के पिता भी फौज से ही सेवा निवृत होकर घर पर रह कर खेती करते हैं। परिजनों के अनुसार बताया गया कि वह पठानकोट स्थित बोर्डर पर तैनात थे, जहां संदिग्ध स्थिति में उसका पार्थिव शरीर विभाग के साथियों द्वारा बरामद कर शहीद जवान के परिजन को सूचना दी गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि वह अपने पिता की तबियत खराब होने की सूचना पर घर आये थे, जहां पिता का इलाज कराने के बाद पूरी तरह से स्वास्थ्य होने के बाद वह अपने भारतीय सीमा स्थित पठानकोट 15 दिन पहले ही अपने कार्य स्थल के लिए रवाना हुए थे। वह अपने पूरे परिवार के साथ यानी पत्नी गुड़िया देवी, दो पुत्री और एक पुत्र को वहीं रखकर बच्चों को पढ़ाते थे। वह अकेले ही पैतृक गांव आये हुए थे। देर रात्रि को सूचना मिलने के बाद दूसरे दिन सुबह में शहीद जवान के पिता और अन्य परिजन वहां के लिए रवाना हो गए। वही शहीद की मां रामपति देवी सहित परिवार के कई अन्य सदस्यों का रो- रो कर बुरा हाल बना हुआ था। मौत कैसे हुई यह अब तक स्पष्ट रूप से नहीं बताया जा रहा है।
परिजनों के अनुसार जवान की पोस्टिंग जम्मू- कश्मीर के पठानकोट सेक्टर में थी। सेना की ओर से परिजनों को सूचना दी गई कि उनकी ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई। जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां के चिकित्सको ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हालांकि मौत के कारणों को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है। फिलहाल सेना ने फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम कराने के बाद जवान का पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक गांव लाया, जहां प्रशासन की ओर से शहीद के सम्मान में उचित प्रबंध करने के बाद अंतिम संस्कार किया गया।
भारतीय सेना के जवान रवितोष कुमार राजपूत रेजिमेंट राइफल के सैनिक के रूप में तैनात थे। जवान का पार्थिव शरीर गुरुवार को पैतृक गांव सारण जिले के दरियापुर प्रखंड अंतर्गत बनवारीपुर गांव लाये गये। तिरंगे में लिपटे शहीद को देखते ही पूरे गांव सहित आसपास के गावों में शोक की लहर दौड़ गई। जवान की अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में ग्रामीणों की भीड़ उमर पड़ी। जहां वंदे मातरम्, भारत माता की जय और रवितोष अमर रहे, जैसे नारों से माहौल गूंज उठा। वहीं सेना के साथी जवानों ने अपने सहकर्मी जवान को गार्ड ऑफ ऑनर से अंतिम विदाई दी। इसके बाद पार्थिव शव दिघवारा प्रखंड के मां अंबिका भवानी नगरी स्थित आमी मुक्ति धाम घाट पर लाया गया, जहां पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।