पटना के फतुहा से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। स्टेशन रोड स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा से नकली सोना गिरवी रखकर 12 ग्राहकों ने लोन के नाम पर करीब 62 लाख रुपए का चूना बैंक को लगा दिया। इस मामले में शाखा प्रबंधक प्रीतम कुमार ने थाने में केस दर्ज करवाया गया है। बैंक मैनेजर ने फर्जीवाड़ा कर लोन लेने वाले 12 ग्राहकों के साथ-साथ बैंक से जुड़े सोनार को भी आरोपित करते हुए थाने में केस दर्ज कराया है। इस मामले में अनीता कुमारी दो लाख, अमृता परसाना दो लाख, बबीता देवी 1.19 लाख, बिट्टू कुमार 5.90 लाख, बुत्री देवी 9.70 लाख, चांदनी देवी दो लाख, मंजू देवी 1.96 लाख, मीना देवी 1.95 लाख, पम्मी देवी दो लाख, सुनीता देवी 1.90 लाख, विनय कुमार 9.30 लाख, जीनत परवीन दो लाख रुपए शामिल है।
वार्षिक मूल्यांकन में हुआ खुलासा
बैंक प्रबंधक प्रीतम कुमार ने बताया कि जब बैंक में गिरवी रखे ग्राहकों के सोना को पटना से आए टीम के द्वारा वार्षिक मूल्यांकन किया जा रहा था, जिसमें मूल्यांकन टीम ने एक दर्जन ग्राहकों के सोना को नकली बताया। इसके बाद तो बैंक अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में गोल्ड लोन के लिए फतुहा व पटना के कई ग्राहकों ने आवेदन किया था। आवेदन प्राप्त होने के बाद ग्राहकों द्वारा सोना को बैंक में जमा कराया गया। बैंक में सोना जमा कराते ही फतुहा के गोविंदपुर स्थित राजन ज्वेलर्स जो कि बैंक का इम्पैनल संस्थान था, जिसके द्वारा जमा किए गए सोना का मूल्यांकन किया था।
12 ग्राहक को आवश्यकतानुसार लोन दे दिया
उक्त ज्वेलर्स संस्थान की रिपोर्ट पर ही बैंक ने लोन प्रकिया को पूरी करते हुए सभी 12 ग्राहक को उनकी आवश्यकतानुसार लोन दे दिया। बैंक प्रबंधक प्रीतम कुमार ने बताया कि इन ग्राहकों के साथ साथ गोविंदपुर के राजन ज्वेलर्स के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराया गया है। मामले को ले कर फतुहा थानाध्यक्ष रुपक कुमार अंबुज ने बताया कि एक फर्जीवाड़ा का मामला फतुहा के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का प्रकाश में आया है जिसे ले कर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले को ले कर जांच में जुट गई है।