कहानी फिल्मी लेकिन स्थिति असली है और यह मामला भोजपुर जिला का है, जहां भगवान भोलेनाथ के मंदिर के पास खड़ी एम्बुलेंस के वेंटिलेटर स्ट्रेचर पर पड़ी एक बीमार मां के सामने उसकी एकलौती बेटी की शादी रचाई गई। इस अनोखी शादी में दुल्हा-दुल्हन के परिजन, ग्रामीण और उस अस्पताल, जिसमें बीमार मां का इलाज चल रहा था, वहां के डॉक्टर और कर्मी शामिल हुए।
डॉक्टर ने बताया कुछ घन्टों की है मेहमान
मामला कोईलवर प्रखंड के दिनेश्वरनाथ धाम मंदिर की है, जहां बड़हरा प्रखंड के कोल्हारामपुर गांव निवासी अजय राय की पत्नी सुनीता देवी की दोनों किडनी खराब हो गई। स्थिति बिगड़ने पर उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने महिला की तबीयत ज्यादा खराब देख उन्हें कुछ घंटों का मेहमान बता दिया। इस बात की जानकारी जब सुनीता देवी को हुई तो उन्होंने मरने से पहले अपनी बेटी की शादी आंखों के सामने रचाने की इच्छा जाहिर की। इसके बाद परिवार वालों ने जिस अस्पताल में महिला का इलाज चल रहा था उस अस्पताल के डॉ.प्रेम कुमार से बात की और उनकी पूरी टीम को साथ लेकर एम्बुलेंस से बीमार महिला को लेकर सीधे कोइलवर स्थित दिनेश्वर धाम मंदिर गए। वहां पहले से ही दुल्हा-दुल्हन शादी के जोड़े में तैयार थे। एंबुलेंस के पहुंचने के बाद मां के सामने एकलौती बेटी प्रीति कुमारी की शादी दानापुर के मानस गांव निवासी राम सुरेश राय के बेटे अजीत कुमार के साथ संपन्न हुई।
अब मौत भी आ जाये तो गम नहीं
दुल्हन की बीमार मां सुनीता देवी की मानें तो उनकी बेटी प्रीति कुमारी की शादी अप्रैल माह में दानापुर स्थित मानस गांव निवासी अजीत कुमार से होने वाली थी। लेकिन इसी बीच उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई और डॉक्टर ने उन्हें चंद दिनों का मेहमान बताया था। इस लिए मरने से पहले वह अपनी बेटी का हाथ पीला करने की मंशा जाहिर की और आज बेटी की शादी की रस्म अदायगी कर उन्होंने अपने अधुरे कार्य को पूरा किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि अब उन्हें मौत भी आ जाएं तो कोई गम नहीं, जबकि दुल्हन के पिता और बीमार महिला के पति अजय राय का कहना है कि मेरी बेटी की शादी तय हो गई थी। इसी बीच हमारी धर्मपत्नी सुनीता देवी की अचानक ज्यादा तबियत खराब हो गई। हम लोग उन्हें अस्पताल लेकर गए तो डॉक्टर ने बताया कि उनकी दोनों किडनी सुख गई है और वह 24 घंटों की मेहमान है। अस्पताल में दर्द से कराहती मेरी पत्नी ने बेटी की शादी तय समय से पहले आंखों के सामने कराने की इच्छा जताई.जिसके बाद हम उन्हें हॉस्पिटल से एंबुलेंस में लेकर सीधे मंदिर पहुंचे और लड़का वालों से इस बात को बताया। यह बात सुनकर लड़का पक्ष भी शादी करने के लिए तैयार हो गये और आज मेरी बेटी की शादी भी हो गई और मेरी पत्नी की इच्छा भी पूरी हो गई।