Handpump Color : किसी के घर के दरवाजे पर हरे तो किसी के मटमैले तो किसी के गहरे लाल रंग का हैंडपंप था। जब, जिसने, जैसा खरीदा था; उससे कमजोर ही पड़ा था रंग। लेकिन, सोमवार सुबह जागे तो ऐसे 100 चापाकल चमकीले पीले रंग में रंगे थे।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज वैशाली जिले में प्रगति यात्रा पर पहुंचे। इसको लेकर वैशाली जिला प्रशासन की ओर से चाक-चौबंद व्यवस्था किया गया है। सरकार को दिखाने के लिए तमाम विभागों की ओर से समुचित व्यवस्था वैशाली जिले के नगमा गांव में की गई है। लेकिन, सरकार के आंख में धूल झोंकने के लिए अधिकारियों ने फर्जी काम किया है। पीएचडी की ओर से नल जल योजना वाले नलकूप को पीले रंग से रंग दिया। साथ ही कई लोगों निजी हैंड पंप को भी पीले रंग से रंग दिया गया। अब इसकी तस्वीर वायरल हो रही है।
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निजी हैंडपंपों को रंगवा कर सरकारी दिखाने की कोशिश
लोगों का आरोप है कि जब हमलोग रात में सोए हुए थे तभी निजी हैंड पंप जो कि घर के आगे लगा हुआ था उसे भी अधिकारियों द्वारा रंगवा दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों ने निजी हैंडपंप को भी सरकारी पंप दिखाने की कोशिश की। अधिकारियों ने हैंडपंपों को रंगवा कर नीतीश सरकार को यह दिखाने की कोशिश की जा रही है कि नगमा गांव में जो भी हैं हैंड पंप लगे हुए हैं, वह सभी सरकारी है। स्थानीय सद्दाम हुसैन ने बताया कि यह प्राइवेट हैंड पंप है।
रात में आया था पेंटर, हैंडपंप रंगकर चला गया
वहीं राबिया खातून ने कहा यह हमारा प्राइवेट हैंड पंप है। प्रशासन की ओर से इसे पेंट करवा दिया गया। हम लोग घर पर नहीं थे। इसी दौरान पेंट करने वाले आया और पेंट कर के चला गया। उर्मिला देवी ने बताया कि यह हमलोगों का अपना निजी चापाकल है। हमलोग सोए हुए थे। रात में किसी समय पेंटर आया और निजी चापाकल को रंग कर चला गया। हमलोग देखे भी नहीं कौन आया था और रंग कर चला गया। इसकी जांच होनी चाहिए।